
ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्जफेल्ड्ट एक लाइव टीवी इंटरव्यू के दौरान भावुक हो गई। (Photo-X)
Greenland Minister Cried live TV: हाल ही में संवेदनाओं से भरा एक वीडियो लाइव टीवी पर कैद हुआ है। अपने एक इंटरव्यू के दौरान ग्रीनलैंड की मंत्री भावुक होकर लाइव टीवी पर रोने लगी। बता दें कि डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लॉके रासमुसेन और ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्जफेल्ड ने अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान बुधवार को व्हाइट हाउस में उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बैठक की थी।
इस बैठक का उद्देश्य ग्रीनलैंड और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करने के संदर्भ में बातचीत करने का था। हालांकि बैठक के बाद भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लगातार धमकियां और स्वायत्त राष्ट्र पर कब्जा करने की इच्छा अभी खत्म नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि बैठक सौहार्दपूर्ण समाधान तक नहीं पहुंची। यह बैठक ग्रीनलैंड को अमेरिकी क्षेत्र में बदलने की महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगाने में विफल रही है।
ग्रीनलैंड पर अमेरिकी धमकियों और बार-बार ग्रीनलैंड को अपना बनाने के अमेरिकी दावों के चलते ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्जफेल्ड लाइव टीवी पर रोने लगी। अमेरिकी बैठक में जो हुआ वो मंत्री मोट्जफेल्ड के लिए असहनीय था। यही कारण है कि अपने इंटरव्यू के दौरान वह संवेदनाओं से भर गई और लाइव टीवी पर होने के बावजूद भावनात्मक रूप से रोने लगी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री विवियन मोट्जफेल्ड ने बताया, "हमारे पास विभाग में भले ही हमारी संख्या कम है, फिर भी हम बहुत मेहनत कर रहे हैं। मैं आमतौर पर ये शब्द कहना पसंद नहीं करती, लेकिन मैं कहूंगी: हम बहुत मजबूत हैं। हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, पिछले कुछ दिनों में… ओह, मैं बहुत भावुक हो रही हूं। मैं अभिभूत हूं।” इसके बाद वह भावुक हो कर रोने लगी।
डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लॉके रासमुसेन ने अमेरिका में आयोजित हुई मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम अमेरिकी रुख को बदलने में कामयाब नहीं हुए। अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करने के फैसले पर अड़ीग है। वह कुछ सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि राष्ट्रपति ट्रंप ग्रीनलैंड पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं। हालांकि हमने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि ग्रीनलैंड को अमेरिका को सौंपना देश के हित में नहीं है।
दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान 2019 में ग्रीनलैंड को खरीदने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, उन्हें बताया गया था कि यह बिक्री के लिए नहीं है। इसके बाद भी ट्रंप पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपतियों से एक कदम आगे बढ़कर डेनिश क्षेत्र पर अपना कब्जा जमाना चाहते हैं।
हालांकि, अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड को हासिल करने के पीछे 'राष्ट्रीय सुरक्षा' का मुद्दा बताया जा रहा है, लेकिन जानकारों का मानना है कि अमेरिका की मुख्य रुचि ग्रीनलैंड के प्राकृतिक संसाधनों में है, जिनमें दुर्लभ पृथ्वी खनिज, यूरेनियम और लोहा शामिल हैं। साथ ही यह भी माना जाता है कि ग्रीनलैंड में तेल और गैस के समृद्ध भंडार भी हैं।
Updated on:
16 Jan 2026 09:16 pm
Published on:
16 Jan 2026 09:16 pm
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