
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास लगी आग से उठता धुआं। (फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)
Drone Strike : ईरान और इजराइल के बीच भड़की युद्ध की चिंगारी अब पूरे मध्य पूर्व (Middle East) को झुलसाने लगी है। खाड़ी देशों में तनाव अब तक के सबसे चरम स्तर पर पहुंच चुका है। ताज़ा घटनाक्रम में, तेहरान ने अपने हमलों का दायरा बढ़ाते हुए इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई शहर को अपना निशाना बनाया है। लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों (Drone Strike) से यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान अब इजराइल के साथ-साथ अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के अहम ठिकानों पर सीधे और आक्रामक वार कर रहा है।
इराक की राजधानी बगदाद के अति-सुरक्षित माने जाने वाले 'ग्रीन जोन' में स्थित अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार को बड़ा हमला हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की ओर से दागे गए दो विस्फोटक से लैस ड्रोन दूतावास परिसर के भीतर गिरे, जिससे वहां भीषण आग लग गई और चारों तरफ धुआं फैल गया। हमले के तुरंत बाद सायरन बजने लगे, लेकिन दूतावास की उन्नत रक्षा प्रणाली इन ड्रोन्स को इंटरसेप्ट करने में नाकाम रही। इराक के गृह मंत्रालय के सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि सुरक्षा सीमा को भेदते हुए ये ड्रोन भीतर जाकर फटे।
राजनयिक ठिकानों के अलावा, ईरान ने ऊर्जा और तेल सुविधाओं को भी निशाना बनाया है। इराक के तेल मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिणी इराक के मजनून तेल क्षेत्र में भी दो ड्रोन से हमले किए गए। इनमें से एक ड्रोन वहां काम कर रही एक अमेरिकी कंपनी के कार्यालयों के पास गिरा, जबकि दूसरा टेलीकॉम टावर से टकराया।
बगदाद के साथ-साथ ईरान के घातक ड्रोन्स ने दुबई को भी अपनी चपेट में लिया। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब एक ईरानी ड्रोन फ्यूल (ईंधन) टैंकर से जा टकराया। इस टक्कर के बाद जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें उठने लगीं। यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने तुरंत अलर्ट जारी किया और एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट से उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया। हालांकि, दुबई की सिविल डिफेंस टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए जल्द ही आग पर काबू पा लिया और राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
दूसरी ओर, इजराइल पर भी हमले लगातार जारी हैं। ईरान समर्थित लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह ने इजराइल के नहरिया शहर पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं, जिससे शहर में भारी तबाही हुई है। धमाकों और आग के कारण कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और राहत-बचाव दल मलबे के बीच लगातार काम कर रहे हैं।
वहीं, वेस्ट बैंक और बीतार इलिट बस्ती के आसमान में भी दर्जनों मिसाइलें देखी गईं और वहां धुआं उठता दिखा। हालांकि, इजराइली रक्षा प्रणालियों ने वेस्ट बैंक के आसमान में कई मिसाइलों को नष्ट कर दिया है। इन ताज़ा हमलों में 7 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है। इससे पहले, इराक के अर्धसैनिक संगठन पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने भी दावा किया था कि सीरिया सीमा के पास अल-कायम शहर में एक इजराइली हमले में उसके 6 सदस्य मारे गए हैं।
इन श्रृंखलाबद्ध हमलों ने यह साबित कर दिया है कि ईरान ने खाड़ी देशों में अपने रणनीतिक हमले तेज कर दिए हैं। इन घटनाओं से होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण जलमार्गों की सुरक्षा को लेकर भी वैश्विक चिंताएं बढ़ गई हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई वैश्विक नेताओं ने चिंता जताई है कि इन हमलों का सीधा असर दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ सकता है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश अब इस तनावपूर्ण स्थिति के बाद अपनी आगे की सुरक्षा रणनीति तय करने में जुट गए हैं।
Updated on:
17 Mar 2026 07:12 pm
Published on:
17 Mar 2026 07:09 pm
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