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भारत ने नहीं मांगा सीजफायर, अमेरिकी दस्तावेजों से पाकिस्तान का सच सामने आया, PAK ने US में 60 बार किया संपर्क

India-Pakistan: अमेरिकी दस्तावेजों से बड़ा खुलासा हुआ है कि Operation Sindoor के बाद पाकिस्तान ने वॉशिंगटन में 60 से ज्यादा संपर्क किए, जबकि भारत ने सीजफायर नहीं मांगा था।

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भारत

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Ankit Sai

May 11, 2026

अमेरिकी दस्तावेजों से बड़ा खुलासा हुआ है

अमेरिकी दस्तावेजों से बड़ा खुलासा हुआ है (AI Photo)

Operation Sindoor: पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर ने हाल ही में दावा किया कि भारत ने अमेरिका के जरिए सीजफायर की इच्छा जताई थी। लेकिन अब अमेरिकी रिकॉर्ड्स ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिका में दर्ज आधिकारिक लॉबिंग दस्तावेज बताते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) शुरू होने के बाद पाकिस्तान ने वॉशिंगटन में बड़े स्तर पर राजनीतिक और सैन्य संपर्क साधने शुरू कर दिए थे। अमेरिका के विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (FARA) के दर्ज दस्तावेजों में सामने आया है कि 6 मई से 9 मई 2025 के बीच पाकिस्तान ने करीब 60 अलग-अलग संपर्क किए। इनमें अमेरिकी सांसद, रक्षा मामलों से जुड़े अधिकारी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, ट्रेजरी विभाग के अधिकारी और पत्रकार शामिल थे।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद तेज हुई गतिविधियां

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए थे। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 6 और 7 मई 2025 की रात जारी बयान में कहा था कि भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंक से जुड़े 9 ठिकानों पर कार्रवाई की। मंत्रालय ने साफ कहा था कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया।

अमेरिका में पाकिस्तान ने मांगी मदद

दस्तावेजों के अनुसार, भारत की कार्रवाई शुरू होते ही पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने अमेरिकी सांसदों और सीनेट कार्यालयों से कई बैठकें तय करने की कोशिश की। 7 और 8 मई तक पाकिस्तान का फोकस तैयारियों और क्षेत्रीय तनाव पर चर्चा करने पर था। 7 मई की एक एंट्री में अमेरिकी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मास्ट के साथ बातचीत का जिक्र है। वहीं दूसरी एंट्री में प्रतिनिधि हकीम जेफ्रीज की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विंडी पार्कर से बातचीत दर्ज है। 8 मई को सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून के कार्यालय से जुड़े रयान कालडाल के साथ बैठक की कोशिश भी रिकॉर्ड में दर्ज है।

रक्षा और सुरक्षा हलकों में बढ़ी हलचल

9 मई को पाकिस्तान की गतिविधियां और तेज हो गईं। इस दिन रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हलकों में 20 से ज्यादा संपर्क किए गए। इन संपर्कों में सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमेटी और अमेरिकी रक्षा मामलों से जुड़े कई बड़े नाम शामिल थे। इनमें माइक रोजर्स, रिचर्ड ब्लूमेंथल, रोजर विकर और टॉम कॉटन जैसे नेता शामिल हैं।

भारत का फोकस आतंकवाद पर

रिकॉर्ड्स के अनुसार, भारत ने अमेरिका में अपना ध्यान पहलगाम हमले की निंदा करवाने और आतंकवाद के खिलाफ समर्थन जुटाने पर रखा। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। दस्तावेजों में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की ओर से पाकिस्तान जैसी बड़े स्तर की लॉबिंग गतिविधियां नजर नहीं आईं।

भारत ने पहले ही साफ कर दी थी स्थिति

भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि यूद्ध रोकने की पहल पाकिस्तान की ओर से हुई थी। भारत के मुताबिक पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई से संपर्क किया था, जिसके बाद ही युद्ध रोकने की घोषणा हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के 88 घंटे के बाद कहा था कि भारत पर कोई भी आतंकी हमला अब युद्ध माना जाएगा। भारत उसका जवाब अपने तरीके से जवाब देगा।