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यूरोपीय संघ के 27 देशों में टेक और सोशल मीडिया कंपनियों से जुड़ा एक खास कानून डिजिटल सर्विसेज एक्ट (डीएसए) का प्रथम चरण 25 अगस्त से लागू हो गया है। यह कानून टेक कंपनियों को कानूनी तौर पर उत्तरदायी बनाएगा कि वे अपने यहां मौजूद ऑनलाइन कंटेंट की ज्यादा सजगता से निगरानी करें और यूजर्स को भी प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण को लेकर उचित अधिकार दें। फेक खबरों से यूजर्स को बचाएं। ऐसा न करने पर उन पर भारी जुर्माना लग सकता है। जुर्माने की रकम कंपनी के वैश्विक राजस्व का छह फीसदी तक हो सकती है। उल्लंघन की स्थिति में कंपनी या प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाए जाने का भी प्रावधान है। दरअसल, डीएसए का लक्ष्य लोगों, नियामकों और नागरिक समाज को ज्यादा ताकत देने की एक विस्तृत रणनीति का हिस्सा है। यह सोशल मीडिया और ऑनलाइन दुनिया को ज्यादा सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में अगला कदम है।
कानून के दायरे में होंगे अमेजन और गूगल भी
ईयू का यह सख्त कानून यूट्यूब, एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिक टॉक जैसे सोशल मीडिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्मों तक ही सीमित नहीं है। गूगल सर्च इंजन और माइक्रोसॉफ्ट बिंग भी इसकी जद में होंगे। साथ ही, अमेजन जैसे खरीदारी की कंपनियां, ऐपल स्टोर और गूगल प्ले भी परिधि में होंगे।
कानून से होंगे मुख्य रूप से ये पांच बदलाव
1. चाहे जाने पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म व्यक्ति के प्रोफाइल विशेष के आधार पर एआइ अनुमोदित रिजल्ट नहीं बल्कि आपके मित्रों और फॉलो किए जाने वाले यूजर्स के कंटेंट से सर्च रिजल्ट देगा। 2. यूजर्स अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी हानिकारक कंटेंट को आसानी से फ्लैग कर सकेंगे। 3. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को किसी व्यक्ति की पोस्ट हटाने की जानकारी देनी होगी। 4. फेक उत्पादों वाले पोस्ट की शिकायत की करना भी आसान बनाया जाएगा। 5. बच्चों के प्रोफाइल को किसी विज्ञापन सामग्री का लक्ष्य नहीं बनाया जाएगा।
Published on:
27 Aug 2023 11:43 pm
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