script म्यांमार में सेना और विद्रोही गुटों में संघर्ष का बुरा असर, रखाइन राज्य में 26 हज़ार से ज़्यादा लोग हुए विस्थापित | Clashes in Myanmar between military and rebel groups effect in Rakhine | Patrika News

म्यांमार में सेना और विद्रोही गुटों में संघर्ष का बुरा असर, रखाइन राज्य में 26 हज़ार से ज़्यादा लोग हुए विस्थापित

locationनई दिल्लीPublished: Nov 18, 2023 10:50:09 am

Submitted by:

Tanay Mishra

Myanmar Conflict: म्यांमार में सेना और विद्रोही गुटों के बीच चल रहे सशस्त्र संघर्ष का देशभर में बुरा असर पड़ रहा है। हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार इस संघर्ष की वजह से रखाइन राज्य में हज़ारों लोग विस्थापित हो गए हैं।

myanmar_conflict.jpg
Conflict in Myanmar

म्यांमार में सेना, जिसे जुंटा भी कहते हैं, शासन चलाती है। पर म्यांमार में पिछले कुछ समय से सैन्य शासन को विद्रोही गुटों से जबरदस्त चुनौती मिल रही है। सेना और विरोधी गुटों के बीच जमकर लड़ाई चल रही है। यहाँ 3 शक्तिशाली जातीय सशस्त्र समूहों ने मिलकर आक्रामक नेतृत्व किया है और हाल के हफ्तों में कई शहरों और सैन्य चौकियों को अपने कब्जे में ले लिया है जिसमें चीन की सीमा से लगे क्षेत्र भी शामिल हैं। यह 2021 के तख्तापलट के बाद से सैन्य शासन के प्रतिरोध में सबसे बड़ी जीत बताई जा रही है। इस वजह से म्यांमार सेना ने भी अपने हमलों को तेज़ कर दिया है। म्यांमार के कई हिस्सों में हिंसा चल रही है जिसका असर देश की जनता पर भी पड़ रहा है। हिंसा की वजह से विस्थापित लोगों की भी कमी नहीं है।


रखाइन राज्य में 26 हज़ार से ज़्यादा लोग हुए विस्थापित

हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार म्यांमार में सेना और विद्रोही गुटों के बीच चल रही लड़ाई के चलते रखाइन राज्य में 26 हज़ार से ज़्यादा लोग विस्थापित्त हो गए हैं। और यह सिर्फ इस हफ्ते की लड़ाई का नतीजा है। यूनाइटेड नेशन्स ने इस बात की जानकारी दी है।


नवंबर में अब तक लाखों लोग विस्थापित

म्यांमार में जहाँ-जहाँ हिंसा चल रही है, वहाँ-वहाँ लोग विस्थापित भी हो रहे हैं। नवंबर में अब तक लाखों लोग इस वजह से विस्थापित हो चुके हैं।

करीब 6,000 लोग भारतीय बॉर्डर पार करके आए मिज़ोरम

म्यांमार में चल रही हिंसा का असर भारत पर भी पड़ रहा है। लोग अपनी जान बचाने के लिए भारतीय बॉर्डर पार करके भारत के मिज़ोरम में शरण लेने आ रहे हैं। मिज़ोरम के 6 जिलों की बॉर्डर मिज़ोरम से जुड़ती है। ये जिले चम्फाई, सियाहा, लांग्टलाई, सेरछिप, हनाथियाल और सैतुअल हैं और इनकी 510 किलोमीटर लंबी बॉर्डर म्यांमार से जुडी हुई है। इसके चलते अब तक म्यांमार से करीब 6,000 से लोग मिज़ोरम में शरण लेने के लिए आ चुके हैं।

यह भी पढ़ें

चैटजीपीटी की पेरेंट कंपनी ओपनएआई का बड़ा फैसला, सीईओ सैम ऑल्टमैन को पद से हटाया




ट्रेंडिंग वीडियो