
अपनी पीड़ा सुनाने जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीण, नहीं मिले कलेक्टर और एडीएम
होशंगाबाद/जिला मुख्यालय पर मंगलवार को हुई जनसुनवाई में कलेक्टर और एडीएम नहीं पहुंचे। जिसके कारण कई लोग बिना सुनवाई के वापस लौट गए। दरअसल लोगों की समस्याएं सुनने कलेक्टर धनंजय सिंह बाबई गए थे। उनकी अनुपस्थित में एडीएम 12 बजे के बाद पहुंचे। जो 1.10 बजे तक जनसुनवाई कक्ष में समस्याएं सुनते रहे। बनखेड़ी से आए हरगोविंद सिंह ने बताया कि वह कलेक्टर को अपनी समस्य बताने आए थे। यहां ना कलेक्टर मिले ना ही एडीएम। एेसे में किसे अपनी शिकायत दें। अब वह अगली जनसुनवाई में आएंगे।
बाबई में जनसुनवाई करने पहुंचे कलेक्टर
विकासखण्ड बाबई के जनपद पंचायत सभाकक्ष में आयोजित खंड स्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर ने लोगों की समस्याएं सुनकर मौके पर उनका निराकरण किया। कलेक्टर ने आगामी खंडस्तरीय जनसुनवाइयों में आकास्मिक रूप से शामिल होंगे। कलेक्टर ने आवेदनों के निराकरण की समीक्षा भी की। उन्होने लंबित प्रकरणों के निराकरण में न्यून प्रगति होने पर नाराजगी जताई।
इनका कहना है
जनसुनवाई का एक पूरा सेटअप है। इस मंगलवार कलेक्टर बाबई गए थे। मुझे ऑफिस में कुछ काम था, लेकिन डिप्टी कलेक्टर, सीनियर डिप्टी कलेक्टर जनसुनवाई में थे। इसे एेसे समझें कि लोगों की जनसुनवाई ऑनलाइन होती है। अगर कोई शिकायतकर्ता दूसरी दफा आता है, तो आवेदन का नहीं निराकरण होने का कारण देखा जाता है। जो पूरा सिस्टम करता है।
- केडी त्रिपाठी, एडीएम होशंगाबाद
एसपी के पास पहुंचा युवक बोला मैंने कभी शराब नहीं पी, फिर भी काटा चालान
होशंगाबाद. एसपी और आयुक्त कार्यालय में हुई जनसुनवाई में गिनती के ही लोग पहुंचे। मंगलवार को आयुक्त कार्यालय में एक भी आवेदन नहीं पहुंचा। वहीं एसपी संतोष सिंह गौर के पास पहुंचे आवेदनों का निराकण तुरंत किया गया।
एसपी कार्यालय में पहुंचे लीलाधर यादव ने बताया कि उसने जीवन में कभी शराब नहीं पी है। फिर भी २९ फरवरी को वाहन चेकिंग के दौरान केसला थाने के पास रोककर पुलिसकर्मियों ने उसे नशे में बताकर चालान बना दिया। केसला अस्पताल के डॉक्टर ने भी पुलिस के दबाव में नशे में बता दिया। युवक की शिकायत के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। इसके अतिरिक्त एसपी के पास करीब १२ आवेदन आए हैं।
Published on:
04 Mar 2020 12:53 pm
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