
डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)
ईरान में खराब स्थिति को लेकर अमेरिका पूरी तरह से एक्टिव हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके अधिकारियों ने सैन्य और कुछ खुफिया विकल्पों के बारे में जानकारी दी है। जिनका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया जा सकता है। ताजा प्लान यह संकेत देते हैं कि अमेरिका ईरान में पारंपरिक हवाई हमलों से कहीं आगे तक सोच रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा चर्चाओं की संवेदनशीलता के कारण नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों ने कहा कि ईरान पर एक्शन लेने के विकल्प जो राष्ट्रपति के सामने पेश किए गए हैं, उनके एकीकृत सैन्य, साइबर और मनोवैज्ञानिक अभियान शामिल हैं।
इस मामले से परिचित सूत्रों ने बताया कि ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम मंगलवार को व्हाइट हाउस में ईरान से संबंधित अपडेटेड नीति और सैन्य विकल्पों की समीक्षा करने के लिए मिलने वाली है। हालांकि यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति इसमें शामिल होंगे या नहीं।
बढ़ती महंगाई, आर्थिक कठिनाई और शासन को लेकर बढ़ते सार्वजनिक गुस्से के कारण ईरान भर में सरकार विरोधी प्रदर्शन फैल रहे हैं।
इस बीच ट्रंप ने बार-बार चेतावनी दी है कि अगर ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर अपनी कार्रवाई तेज करते हैं तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है।
ट्रंप ने रविवार को बताया कि ईरान अमेरिका के प्रशासन द्वारा तय की गई "रेड लाइन" को पार करता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शकारियों की हत्याएं नहीं रुकीं तो अमेरिका कड़ा एक्शन लेगा। ईरान पर उनके प्रशासन की पूरी नजर है।
ईरान में प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए थे। अब यह तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके हैं। ये प्रदर्शन शुरुआत में आर्थिक मुद्दों पर आधारित थे, लेकिन जल्दी ही राजनीतिक हो गए, जिसमें शासन परिवर्तन (रेजीम चेंज) की मांग की जा रही है। ईरान की सरकार ने भारी प्रदर्शन के बाद इंटरनेट और संचार पर पाबंदी लगा दी है।
खबरों के मुताबिक, प्रदर्शन ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। वहीं, अमेरिका-आधारित मानवाधिकार समूहों के अनुसार, अब तक ईरान में 500-544 से ज्यादा प्रदर्शकारियों की मौतें हो चुकी हैं। वहीं, 10 हजारों से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
Updated on:
13 Jan 2026 10:56 am
Published on:
13 Jan 2026 10:56 am
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