
Excess salt
दुनिया भर में खान-पान की बदलती आदतों ने एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization - WHO) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है, जिसके अनुसार ज़रूरत से ज़्यादा नमक (Excess Salt) का सेवन दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन गया है। ज़रूरत से ज़्यादा नमक कितना घातक हो सकता है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2023 में लगभग 17 लाख लोगों की मौत इस वजह से हुई थी।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर 2030 तक नमक के सेवन में 30% की कमी नहीं लाई गई, तो यह 'साइलेंट किलर' सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्वस्त कर सकता है। यह काफी चिंताजनक है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 'शेक द साल्ट हैबिट' नाम से नई तकनीकी गाइडलाइन जारी की है। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि वैश्विक स्तर पर लोग तय सीमा (5 ग्राम प्रतिदिन) से दोगुना नमक खा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार पैकेट बंद खाद्य पदार्थ (अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड) और फास्ट फूड में नमक की अत्यधिक मात्रा रक्तचाप बढ़ाकर दिल की बीमारियों, स्ट्रोक और किडनी फेलियर का कारण बन रही है। डब्ल्यूएचओ ने दुनियाभर के देशों से अपील की है कि वो केवल जागरूकता तक सीमित न रहें, बल्कि खाद्य कंपनियों के लिए अनिवार्य नियम और स्पष्ट लेबलिंग कानून लागू करें।
यूरोपियन कार्डियोलॉजी सोसाइटी की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार इंस्टेंट नूडल्स, कोल्ड ड्रिंक्स और फ्रोजन पिज़्ज़ा जैसे अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड दिल की बीमारियों का खतरा 19-20% तक बढ़ा देते हैं। इन पदार्थों में मौजूद हानिकारक प्रिज़र्वेटिव्स और कृत्रिम तत्व मेटाबॉलिज़्म को बिगाड़कर मोटापे और खराब कोलेस्ट्रॉल को जन्म देते हैं। ये सेहत के लिए बेहद हानिकारक होते हैं।
डब्ल्यूएचओ मानक के अनुसार दिनभर में सिर्फ 5 ग्राम (एक चम्मच) नमक उचित होता है। हालांकि दुनियाभर में कई लोग हर दिन औसतन 10-12 ग्राम नमक खा रहे हैं, जो बेहद ही हानिकारक होता है।
ज़्यादा नमक से बचने के लिए प्रोसेस्ड फूड, फास्ट फूड, नमकीन, अचार और पैकेटबंद भोजन खाने से बचना चाहिए। घर का पर भी कम नमक वाला भोजन करना चाहिए। सब्जियों और फलों का ज़्यादा सेवन करना चाहिए।
Published on:
15 May 2026 08:14 am
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