
Strait of Hormuz Crisis (AI Image)
Strait of Hormuz Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तट के पास एक जहाज को कब्जे में लेकर ईरान की दिशा में ले जाया गया, जबकि एक दिन पहले ओमान के तट के पास भारत का झंडा लगा मालवाहक जहाज संदिग्ध ड्रोन हमले के बाद डूब गया। इन घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब तीसरे महीने में पहुंच चुका है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बन गया है। दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। फिलहाल ईरान द्वारा समुद्री यातायात पर रोक और अमेरिकी नौसैनिक दबाव के कारण यह मार्ग बुरी तरह प्रभावित है।
तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं।
ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, UAE के फुजैराह पोर्ट से करीब 70 किलोमीटर दूर लंगर डाले एक जहाज को अज्ञात लोगों ने कब्जे में ले लिया। बाद में उस जहाज को ईरानी जलक्षेत्र की दिशा में ले जाए जाने की सूचना मिली।
हालांकि UKMTO ने जहाज की राष्ट्रीयता या मालिकाना हक को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। घटना ऐसे समय हुई है जब इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि उन्होंने ईरान युद्ध के दौरान गुप्त रूप से UAE का दौरा किया था, जिसे खाड़ी देश ने खारिज कर दिया।
एक दिन पहले ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाला एक कार्गो जहाज संदिग्ध ड्रोन हमले का शिकार हो गया। सोमालिया से UAE के शारजाह जा रहे इस जहाज में हमले के बाद आग लग गई और बाद में वह समुद्र में डूब गया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। हालांकि भारत ने हमले के पीछे किसी देश या संगठन का नाम नहीं लिया।
इसी महीने की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दक्षिण कोरिया के एक मालवाहक जहाज पर भी हमला हुआ था, जिसमें जहाज के पिछले हिस्से में आग लग गई थी। दक्षिण कोरिया इस मामले की जांच कर रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के पीछे ईरान से जुड़े तत्वों की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।
लगातार हो रहे हमलों और जहाजों की जब्ती की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार, शिपिंग रूट और एशियाई देशों की ऊर्जा जरूरतों पर पड़ सकता है।
Published on:
15 May 2026 05:24 am
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