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सोमालिया में बाढ़ का संकट सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं, आजीविका और साफ पानी पर भी खतरा

Somalia: सोमालिया में अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच बाढ़ के कारण करीब 8.74 लाख लोगों के विस्थापित होने की आशंका है। IOM ने राहत और बचाव की तैयारी के लिए तत्काल अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी है।
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भारत

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Anurag Animesh

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Updated: 23 Oct 2026, 2:00 AM IST

Somalia news

AI Image-(ChatGpt)

Somalia Floods 2026: अफ्रीकी देश सोमालिया में भारी बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने से बड़े पैमाने पर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने चेतावनी दी है कि अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच करीब 8.74 लाख लोगों को अपने घर छोड़ने पड़ सकते हैं। संगठन ने प्रभावित समुदायों की सुरक्षा और समय रहते राहत की तैयारी के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है। IOM और डेनिश रिफ्यूजी काउंसिल के नए अनुमान के मुताबिक, इस अवधि में 8,74,319 लोग विस्थापित हो सकते हैं। इनमें से 92 प्रतिशत विस्थापन की वजह बाढ़ होने की आशंका है। यह खतरा ऐसे समय बढ़ रहा है, जब सोमालिया के कई समुदाय पहले से सूखे और बार-बार होने वाले विस्थापन से जूझ रहे हैं।

कई इलाकों में बढ़ने लगा बाढ़ का खतरा

IOM के मुताबिक, सोमालिया में बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और अल नीनो की मजबूत होती परिस्थितियों के कारण सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ के शुरुआती संकेत भी दिखने लगे हैं। डोलो में जुबा नदी का जलस्तर बाढ़ के स्तर के करीब पहुंच रहा है, जबकि जोहर में शबेले नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। बायडोआ में भारी बारिश से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। इसके कारण कुछ इलाकों में परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है।

राहत के लिए जरूरी फंड का सिर्फ 14.4% मिला

IOM ने बताया कि संभावित अल नीनो बाढ़ से निपटने के लिए उसे 1.662 करोड़ डॉलर की जरूरत है, लेकिन अब तक इस राशि का सिर्फ 14.4 प्रतिशत ही जुट पाया है। फंड की कमी से बाढ़ के खतरे वाले इलाकों में रहने वाले 5.17 लाख से अधिक कमजोर लोगों तक राहत पहुंचाने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि समय पर सहायता नहीं मिली तो राहत और बचाव की तैयारियों में बाधा आएगी।

IOM के सोमालिया मिशन प्रमुख मैनुअल मार्केस परेरा ने कहा कि नुकसान कम करने के लिए अभी समय है, लेकिन तैयारी के लिए उपलब्ध समय तेजी से घट रहा है। उन्होंने लोगों के घरों और आजीविका को बचाने तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए तत्काल आर्थिक मदद की जरूरत बताई।

फसल, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर की आशंका

IOM के अनुसार, बाढ़ से फसलें नष्ट हो सकती हैं और बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। बाढ़ का पानी पेयजल स्रोतों को दूषित कर सकता है, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं और दूसरी जरूरी सुविधाओं तक पहुंच भी बाधित हो सकती है। संगठन सोमालिया की सरकार और स्थानीय सहयोगियों के साथ मिलकर शुरुआती चेतावनी प्रणाली मजबूत करने, सुरक्षित निकासी के रास्तों की पहचान करने और आपातकालीन सहायता की तैयारी में जुटा है।

हालांकि, पर्याप्त फंड नहीं मिलने के कारण सुरक्षित पुनर्वास स्थलों के निर्माण और आपातकालीन आश्रय, साफ पानी, स्वच्छता तथा स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था सीमित हो रही है। IOM ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि बड़े पैमाने पर विस्थापन शुरू होने से पहले सहायता उपलब्ध कराई जाए।