पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई। पाक के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। इस दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नवाज शरीफ से मुलाकात की। पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ ने अपनी स्पीच में कहा कि अफगानिस्तान में सब मिलकर शांति लाएं। आतंकवाद सबका दुश्मन है। उन्होंने कहा कि दुनिया को अफगानिस्तान में शांति लाने के लिए पाकिस्तान की मदद करनी चाहिए।
नवाज शरीफ ने हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में कहा कि हम पड़ोसियों से अच्छे और शांतिपूर्ण रिश्ते चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि सम्मेलन में भाग लेने वाले विदेश मंत्री आपसी सहयोग और विकास पर चर्चा करेंगे। हमें हर तरह के टकराव को दूर रखकर केवल विकास पर फोकस करना चाहिए।
भारत, पाकिस्तान परिपक्वता दिखाएं: सुषमा
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यहां बुधवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान को एक-दूसरे के साथ व्यवसाय में परिपक्वता दिखानी चाहिए। सुषमा ने हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में कहा, 'समय आ गया है जब एक-दूसरे के साथ व्यवसाय करने में परिपक्वता व आत्मविश्वास दिखाने और क्षेत्रीय व्यापार एवं सहयोग को मजबूत बनाने की जरूरत है।' उन्होंने कहा, 'भारत, पाकिस्तान के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है, लेकिन आज हम कम से कम अफगानिस्तान की मदद का संकल्प लें, क्योंकि पड़ोसियों के साथ मिलनसारिता हमारी परंपरा रही है।'
2016 में भारत में होगा हार्ट ऑफ एशिया
सुषमा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में अफगानिस्तान में आतंकवादी घटनाओं की पुनरावृत्ति और उसका दायरा दोनों बढ़े हैं। बकौल सुषमा, 'अफगानिस्तान को आतंकवाद से सबसे अधिक खतरा है, न कि कबायली या जातीय प्रतिद्वंद्विता से।' उन्होंने यह भी कहा कि अफगान सुरक्षा बलों को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के निरंतर सहयोग की आवश्यकता है। सुषमा ने वर्ष 2016 में भारत में होने वाले छठे हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के लिए मंत्रियों को आमंत्रित भी किया।
हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन शुरू
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बुधवार को 'द हार्ट ऑफ एशिया-इस्तांबुल प्रोसेस' सम्मेलन शुरू हो गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। सम्मेलन का उद्देश्य अफगानिस्तान में शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देना तथा क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग व संपर्क को मजबूत बनाना है। 'रेडियो पाकिस्तान' की रिपोर्ट के अनुसार, इस सम्मेलन में 17 देशों और 12 अंतर्राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के शिरकत करने की उम्मीद है। इसकी शुरुआत वर्ष 2011 में अफगानिस्तान ने की थी।
'पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों को बिगाडऩे की कोशिश कर रहा भारत'
पाकिस्तान के एक पूर्व मंत्री का आरोप है कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान के संबंधों के सामान्य होने की राह में भारत मुख्य रोड़ा है। समाचार-पत्र 'डॉन' की बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार, आंतरिक और नारकोटिक्स नियंत्रण पर सीनेट की स्थायी समिति के अध्यक्ष रहमान मलिक ने कहा कि भारत और इसकी खुफिया एजेंसियां नहीं चाहतीं कि अफगानिस्तान व पाकिस्तान के द्विपक्षीय विवादों का हल बातचीत के जरिये हो। मलिक ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान, संघ प्रशासित कबायली इलाकों और कराची में आतंकवादी गतिविधियों में भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) संलिप्त है।