
IMEC: India-Middle East-Europe Economic Corridor
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (S.Jaishankar) ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) को लेकर बड़ा बयान दिया कि इस परियोजना में शामिल देशों ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद इस ऐतिहासिक व्यापार मार्ग को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को एकीकृत किया है। एस. जयशंकर ने कहा कि G-20 के बीच, ये वास्तव में बड़ी उपलब्धियों में से एक थी।
एस जयशंकर (S.Jaishankar) ने कहा कि भले ही मिडिल ईस्ट में बहुत अशांति है लेकिन 7 अक्टूबर के बाद ये पहली बार हुआ है कि एक बात, जिस पर सभी IMEC पर सहमत हुए हैं। हमारी प्रतिबद्धता रहेगी कि हम इसे स्थिर रखें। विदेश मंत्री ने बीते सोमवार कर्नाटक के बेंगलुरु में अपने भाषण के दौरान IMEC पर जोर दिया। उन्होंने इसके भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक महत्व के बारे में बताया।
भारत के लिए ये कॉरिडोर (IMEC) कितना अहम है इस बात का इसी से चलता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी इस कॉरिडोर को एक गेमचेंजर बताया है। न्य़ूज एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा, जिसके लिए पिछले साल भारत में आयोजित जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान एक समझौता हुआ था ये सिल्क बेल्ट की तरह एक बड़ा गेम चेंजर होगा।
पीएम मोदी ने G-20 शिखर सम्मेलन में बनी इस सहमति (IMEC) के बारे में भी बात की थी और कहा था कि कुछ अटकलों के बीच जैसे यूक्रेन-रूस युद्ध पर स्थिति में मतभेदों के चलते वो परिणाम मुश्किल हो सकते हैं जैसा हम सोच रहे हैं। बता दें कि भारत, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूरोपीय संघ ने पिछले साल सितंबर में नई दिल्ली में हुए G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा यानी (IMEC) स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए थे और इसे अपनी सहमति दी थी।
Published on:
16 Apr 2024 04:05 pm

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