
Terrorist Gajinder Singh
भारत (India) के कई दुश्मन आतंकियों ने पाकिस्तान (Pakistan) में पनाह ली हुई है। पाकिस्तान भी लंबे समय से आतंक का पनाहगार रहा है और इस वजह से भारत के कई दुश्मन पाकिस्तान में रह रहे हैं। हालांकि पिछले करीब 2 साल में पाकिस्तान में रह रहे कई भारत विरोधी आतंकियों की मौत हो गई हैं। इनमें से कई आतंकी तो अज्ञात हमलावरों का शिकार बने हैं, जिससे दूसरे आतंकियों में भी डर का माहौल है, तो कुछ आतंकियों की मौत प्राकृतिक कारणों से भी हुई है। पाकिस्तान में मरने वाले भारत विरोधी आतंकियों की लिस्ट में अब एक और नाम जुड़ गया है। पाकिस्तान में छिपे खालिस्तानी आतंकी गजिंदर सिंह (Gajinder Singh) की मौत हो गई है।
अस्पताल में हुई मौत
खालिस्तानी आतंकी गजिंदर सिंह की मौत पाकिस्तान में लाहौर के एक अस्पताल में हुई। उसकी उम्र 73 साल थी। उसे 3 जुलाई को हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। पिछले कुछ समय से गजिंदर का स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था।
भारत के वॉन्टेड आतंकियों की लिस्ट में था नाम शामिल
गजिंदर का नाम भारत के वॉन्टेड आतंकियों की लिस्ट में शामिल था। गजिंदर ने खालिस्तानी संगठन 'दल खालसा' की स्थापना की थी। 29 सितंबर, 1981 को 111 यात्रियों और 6 चालक दल सदस्यों को लेकर दिल्ली से अमृतसर जा रही फ्लाइट फ्लाइट IC-423 को हाईजैक करने की साजिश रचने में गजिंदर की अहम भूमिका थी। उसने ही ऐसा करने वालों के समूह का नेतृत्व भी किया था। गजिंदर की कमांड पर खालिस्तानी आतंकी फ्लाइट को हाईजैक करके लाहौर ले गए। इसके बाद उन्होंने जाने-माने खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले और उसके दूसरे साथियों की रिहाई की मांग की और साथ ही 5 लाख अमेरिकी डॉलर्स भी मांगे। भारत के कहने पर पाकिस्तानी कमांडोज़ ने हाईजैक की गई फ्लाइट से सभी बंधकों को रिहा कराया था और वहाँ इस मामले में मौजूद पांचों आरोपियों को 14 साल के लिए जेल की सज़ा दी गई थी।
गजिंदर को भारत लाने की हुई थी कोशिशें
गजिंदर भारत से जर्मनी भाग गया था। लेकिन जर्मनी में उसे शरण नहीं दी गई। ऐसे में वह बचकर पाकिस्तान चला गया। गजिंदर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के हसल अब्दाल में गुरुद्वारा पंजाब साहिब में रहता था। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने कई बार गजिंदर के पाकिस्तान में होने की पुष्टि भी की थी, लेकिन पाकिस्तान ने हमेशा इस बात से इनकार किया। इस वजह से उसे भारत नहीं लाया जा सका।
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Updated on:
06 Jul 2024 12:36 pm
Published on:
06 Jul 2024 12:29 pm
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