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Iran-Israel Conflict: ईरान-इजरायल जंग का असर, उधर औंधे मुंह गिरा बाज़ार, इधर भारत बना निवेशकों के लिए पहली पंसद

Iran-Israel Conflict: ईरान-इजरायल जंग का असर वैश्विक राजनीति पर ही नहीं बल्कि दुनिया की व्यापार पर भी पड़ सकता है क्योंकि युद्ध की आहट से ही बाज़ार औंधे मुंह गिर गया है। ऐसे में वैश्विक मंदी के आसार बढ़ गए लेकिन एक खुशखबरी ये भी है ऐसे मौके पर भारत को बड़ा फायदा हो सकता है क्योंकि इस समय विदेशी निवेशकों की पहली पसंद चीन-जापान नहीं बल्कि भारत बना हुआ है।

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Iran-Israel Conflict

Iran-Israel Conflict: चाइनीज शेयर बाजार के बेहद कम वैल्यूएशन और जापानी शेयर बाजार से शानदार रिटर्न और मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस के बावजूद निवेश के लिए विदेशी निवेशकों (Foreign Investors) की पहली पसंद भारतीय शेयर बाजार है। ब्लूमबर्ग के मार्केट्स लाइव पल्स सर्वे के मुताबिक, अर्थव्यवस्था में शानदार तेजी और इंडिया इंक (भारतीय कंपनियों) के मुनाफे में बढ़ोतरी के कारण दुनिया में सबसे अधिक महंगा (ऊंचे वैल्यूएशन) के बावजूद निवेशकों को 2024 में भारतीय शेयर बाजार में सबसे अधिक तेजी आने की उम्मीद है।

क्या कहता है सर्वे

इस सर्वे में शामिल 48 प्रतिशत निवेशकों ने उम्मीद जताई कि भारतीय बाजार (Indian Market) इस साल रिटर्न देने के मामले में जापान और चीन को पीछे छोड़ देंगे। वहीं केवल 31 प्रतिशत निवेशकों ने कहा कि जापानी शेयर बाजार 2024 में भी भारत को रिटर्न देने में पीछे छोड़ देगा। इस सर्वे में शामिल लगभग आधे निवेशकों ने तीनों एशियाई दिग्गजों के बीच भारत को सर्वश्रेष्ठ निवेश गंतव्य के रूप में चुना है। पिछले एक साल में जापानी शेयर बाजार (निक्केई) ने जहां 38 प्रतिशत रिटर्न दिया है, वहीं भारत में सेंसेक्स-निफ्टी ने करीब 25 प्रतिशत रिटर्न दिया है।

मिडिल ईस्ट में तनाव ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

इजरायल-ईरान के बीच बढ़ रहे तनाव (Iran-Israel Conflict) और जंग के हालात के कारण बीते सोमवार को भारत सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में पैनिक सेलिंग हुई। भारतीय शेयर बाजार सोमवार को खुलते ही औंधे मुंह गिर गया। जंग की आशंकाओं के कारण निवेशकों की घबराहट बढऩे से सेंसेक्स 845 अंक लुढक़कर 73,399 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी १.१० प्रतिशत फिसलकर 22,272 अंक पर बंद हुआ। मिडकैप-स्मॉलकैप और माइक्रोकैप इंडेक्स में भी करीब 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक डूब गए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान-इजरायल संघर्ष में वृद्धि एक गंभीर घटना है। इससे अगले कुछ ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बाजार दबाव में रह सकते हैं।

कहां मिलेगा सबसे अधिक रिटर्न

देश निवेशकों की संख्या
भारत 48 प्रतिशत
जापान31 प्रतिशत
चीन21 प्रतिशत

क्या चुनाव का भारतीय बाजार पर पड़ेगा असर

बड़ा असर होगा12.6 प्रतिशत
काफी कम असर54.6 प्रतिशत
कोई असर नहीं32.8 प्रतिशत
रिस्क निवेशकों की राय

कहां कितना आया विदेशी निवेश

देश         इक्विटी में     डेट में

भारत        25                 16

जापान     61.2              32.9

चीन         5.3                49.5

(२०२३-२४ में आया विदेशी निवेश, राशि अरब डॉलर में)

इतना है शेयर बाजारों का वैल्यूएशन

देश                            पीई रेशियो

भारत                            23 गुना

जापान                          17 गुना

चीन 09 गुना

(वर्ष 2024-25 की अनुमानित प्रति शेयर आय के मुकाबले इतने ऊंचे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे शेयर)

(स्रोत: ब्लूमबर्ग मार्केट्स लाइव पल्स सर्वे)

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