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ईरान की दो टूक – आक्रामक पक्षों की शर्तों पर खत्म नहीं होने देगा युद्ध

Iran-US Conflict: अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान की तरफ से साफ कर दिया गया है कि आक्रामक पक्षों की शर्तों पर वो युद्ध खत्म होने नहीं देगा।
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भारत

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Tanay Mishra

Aug 24, 2026

Esmaeil Baghaei

इस्माइल बघाई (Photo - ANI)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच अभी एक डील फाइनल नहीं हुई है और इसी वजह से ईरान पर दबाव बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) लगातार धमकियाँ दे रहे हैं जिससे ईरान उनके दबाव में आकर सरेंडर कर दे। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान पर अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की भी घोषणा कर दी है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर भी दोनों देश आमने-सामने हैं। इसी बीच अब ईरान ने अमेरिका को दो-टूक सुना दी है।

आक्रामक पक्षों की शर्तों पर खत्म नहीं होने होगा युद्ध!

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने सोमवार को देश की राजधानी तेहरान में एक साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिका को दो-टूक सुनाते हुए कहा कि ईरान आक्रामक पक्षों की शर्तों के आधार पर युद्ध खत्म नहीं होने देगा। बघाई ने कहा, "हमने निश्चित रूप से युद्ध शुरू नहीं किया है, लेकिन हम आक्रामक पक्षों की शर्तों पर युद्ध खत्म नहीं होने देंगे। ईरान अपने इलाके की रक्षा करने के लिए दृढ़ है और आक्रामक पक्षों के साथ समझौता नहीं करेगा और न ही उनकी ज़रूरत से ज़्यादा मांगों के आगे झुकेगा।"

अमेरिका के दावों को किया खारिज

बघाई ने अमेरिका के उन दावों को खारिज कर दिया कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है और हर दिन लाखों बैरल तेल वहाँ से गुज़र रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसे 'मनोवैज्ञानिक और मीडिया युद्ध' का हिस्सा बताया।

अमेरिकी प्रतिबंधों का मुकाबला करेगा ईरान

बघाई ने अमेरिका के ईरान विरोधी आर्थिक अभियान की भी आलोचना की और कहा कि उनका देश अमेरिकी प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए अपनी सभी बहुपक्षीय क्षमताओं का इस्तेमाल करेगा। बघाई ने इन प्रतिबंधों को मुक्त व्यापार और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए एक झटका बताया।

अमेरिका की मदद करने वाले देशों को भुगतने पड़ सकते हैं परिणाम

बघाई ने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका के ईरान विरोधी सैन्य अभियान में मदद करने वाले देशों को परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने नेवी नाकेबंदी को आक्रामकता का कृत्य करार दिया।

ईरान के पास अधिकार

वेस्टर्न मीडिया की उन खबरों के बारे में पूछे जाने पर कि युद्ध फिर से शुरू होने पर ईरान यूरोप में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है, बघाई ने कहा, "अगर कोई अन्य देश अपने ठिकानों, सुविधाओं और उपकरणों का इस्तेमाल ऐसे कामों के लिए करने देता है, तो ईरान के पास किसी भी आक्रामक कृत्य के मूल और स्रोत को निशाना बनाने का अधिकार है।"