12 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ईरानी ऑपरेशन का बड़ा खुलासा, अमेरिका-इजरायल को सबक सिखाने के लिए कर रहा था ये काम!

Iran Operation Update: अमेरिका की शर्तो की ईरान अब भी मानने के लिए तैयार नहीं है। उसका कहना है कि ‘होर्मुज स्ट्रेट’ पर सिर्फ ईरान का हक है, उसकी बिना अनुमति के यहां से कोई नहीं गुजर सकता।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Saurabh Mall

Apr 12, 2026

IRAN WAR NEWS

IRAN WAR NEWS

Middle East Tensions: 28 फरवरी से शुरू हुआ अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म होने के नाम नहीं ले रहा। युद्ध समाप्ति के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बैठक भी हुई, लेकिन बेनतीजा निकली। अमेरिका की शर्तो की ईरान अब भी मानने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि अमेरिका ने दो सप्ताह के लिए सीजफायर का ऐलान किया है। उसका कहना है कि ईरान शर्तों को मान जाए… नहीं तो आगे इसके बहुत भयावह परिणाम होंगे। उधर ईरान भी हार मानने को तैयार नहीं है।

दरअसल, अमेरिका चाहता है कि ईरान न्यूक्लियर बम बनाने का कार्य छोड़ दे, साथ ही वह प्रमुख समुद्री मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ सभी के लिए खोल दे। जबकि ईरान का कहना है कि ‘होर्मुज स्ट्रेट’ पर सिर्फ ईरान का हक है, उसकी बिना अनुमति के यहां से कोई नहीं गुजर सकता।

ईरानी ऑपरेशन का खुलासा

दरअसल, ‘इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक डायलॉग’ के रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान से जुड़ा एक गुप्त इन्फॉर्मेशन ऑपरेशन आयरलैंड को निशाना बना रहा था। इसमें पाया गया कि ईरान, रूस और चीन से जुड़े कुछ फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट आयरलैंड के बारे में पोस्ट कर रहे थे।

रिसर्चर और पत्रकार सियारन ओकॉनर ने बताया कि ये अकाउंट ‘स्टॉर्म-2035’ नाम के एक गुप्त अभियान का हिस्सा हो सकते हैं, जो ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि इन अकाउंट्स को ईरान से ही ऑपरेट किया जा रहा था।

इसके अलावा, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 'ChatGPT' जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल अमेरिका और इजराइल की आलोचना करने और ईरान व फिलिस्तीन के समर्थन में कंटेंट बनाने के लिए किया जा रहा था।

रिपोर्ट में दावा: ईरान की साजिश का कैसे पता चला?

रिसर्चर सियारन ओकॉनर ने बताया कि पिछले साल आयरिश लोगों के नाम पर कई सारे X अकाउंट की पहचान की गई थी। उनमें से किसी के पास भी ऐसा कोई सबूत नहीं था, जिससे पता चले कि वे असली थे।

रिसर्च की थ्योरी को यह बात साबित करती है कि सभी अकाउंट में लगभग खास तौर पर पूर्व IRGC मेजर जनरल कासिम सुलेमानी के बारे में पोस्ट किया गया था, उनकी हत्या की छठी बरसी से पहले के दिनों में।

ओकॉनर ने कहा- “पांच दिनों में इन अकाउंट्स ने लगभग एक जैसे बयान पोस्ट किए, जिनमें सुलेमानी का जश्न मनाया गया। इसी तरह, जून 2025 के दौरान में उस समय के ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामनेई के बारे में जश्न मनाने वाले बयान पोस्ट किए गए।"