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इज़रायली सेना ने मचाया कत्लेआम, लेबनान में 12 लोगों की हुई मौत

Israel-Hezbollah War: इज़रायल और हिज़बुल्लाह के बीच युद्ध जारी है और इसी वजह से इज़रायली सेना लगातार लेबनान पर हमले कर रही है। इज़रायली सेना के ताज़ा हमलों में लेबनान में 12 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।

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भारत

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Tanay Mishra

May 26, 2026

Israel bombs Lebanon

Israel bombs Lebanon (File Photo)

इज़रायल (Israel) और लेबनान (Lebanon) के आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के बीच लंबे समय से युद्ध चल रहा है। 2 मार्च से इज़रायली सेना ने लेबनान पर हमले बढ़ा दिए, जिससे देश में तबाही मच गई है। इज़रायली सेना साउथ लेबनान में लगातार हमले कर रही है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। अब इज़रायली सेना ने साउथ लेबनान के मशघारा (Mashghara) शहर पर हमला किया है।

12 लोगों की हुई मौत

लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार इज़रायल द्वारा देश के साउथ में स्थित मशघारा शहर पर किए गए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई है। इन सभी लोगों के शवों को लेबनानी बचाव कर्मियों ने बरामद कर लिया है।

कई लोग हुए घायल

इज़रायल के इस हमले की वजह से मशघारा शहर में कई लोग घायल भी हुए हैं। घायलों को नज़दीकी अस्पतालों और चिकित्सा शिविरों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

नेतन्याहू ने दी धमकी

इसी बीच अब इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने लेबनान पर हमले तेज़ करने की धमकी दे दी है। एक वीडियो मैसेज में नेतन्याहू ने कहा, "हम हिज़बुल्लाह के साथ युद्ध में हैं। पिछले कुछ हफ्तों में ही हमारे बहादुर सैनिकों ने 600 से ज़्यादा आतंकियों को मार गिराया है। आप सभी को यह पता होना चाहिए…600 से ज़्यादा आतंकी। लेकिन हम अपनी कार्रवाई में ढिलाई नहीं बरत रहे हैं। बल्कि मैंने तो इज़रायली सेना को और भी ज़्यादा तेज़ी से कार्रवाई करने को कहा है। हम उन पर हमला करेंगे और करते रहेंगे।"

क्या चाहता है इज़रायल?

दरअसल इज़रायल चाहता है कि लेबनान में हिज़बुल्लाह अपने हथियारों को सरेंडर कर दे। इसके साथ ही इज़रायल यह भी चाहता है कि लेबनान की सरकार में हिज़बुल्लाह की कोई भूमिका न रहे। इसी वजह से दोनों देशों के बीच सीज़फायर का कोई फायदा नहीं दिख रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 16 अप्रैल को पहली बार दोनों देशों में 10 दिन के सीज़फायर पर सहमति बनी थी, लेकिन इज़रायल ने इस दौरान भी हमले नहीं रोके। इसकी डेडलाइन खत्म होने के बाद सीज़फायर को 3 हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया था, लेकिन इज़रायल ने इस दौरान भी सीज़फायर उल्लंघन किया। 15 मई को एक बार फिर दोनों देशों के बीच 45 दिन के सीज़फायर की सहमति बनी, लेकिन अभी भी इज़रायल के हमले रुक नहीं रहे।