
Mohamed Muizzu
भारत (India) और मालदीव (Maldives) के बीच चल रहा विवाद अभी भी खत्म नहीं हुआ है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Mohamed Muizzu) 'इंडिया आउट' अभियान के तहत भारतीय सैनिकों को देश से बाहर निकालना चाह रहे हैं। इसी बारे में आज मुइज्जू ने देश की संसद में भाषण दिया और इसमें मालदीव में भारतीय सेना की स्थिति पर भी बयान दिया। हालांकि मुइज्जू के भाषण का मालदीव की दो मुख्य विपक्षी पार्टियों ने बहिष्कार किया। मुइज्जू ने साफ कर दिया की 10 मार्च, 2024 तक भारत मालदीव के तीन उड्डयन प्लेटफॉर्म्स में से एक जगह से अपने सैनिक हटा लेगा और बाकी दो प्लेटफॉर्म्स से 10 मई, 2024 तक सैनिकों को हटा लेगा। इस बात का फैसला 2 फरवरी को भारत-मालदीव कोर ग्रुप की दूसरी बैठक में ही हो गया था जिसे मुइज्जू ने मालदीव की संसद में दोहराया।
फेल हुआ मुइज्जू का 'इंडिया आउट' अभियान
मुइज्जू का 'इंडिया आउट' अभियान फेल हो गया है। ऐसे में मन में सवाल आना लाज़िमी है कि कैसे? दरअसल भारत-मालदीव कोर ग्रुप की दूसरी बैठक में मालदीव से भारतीय सैनिकों को निकालने की बात पर तो सहमति बन गई पर पूरी तरह से वो नहीं हुआ जो मुइज्जू की इच्छा थी। दरअसल मालदीव से भारतीय सैनिकों को तो हटाया जाएगा, पर उनकी जगह असैनिक समूह लेंगे। भारतीय सैनिक भले ही मालदीव छोड़ देंगे, पर भारत मालदीव से नहीं निकलेगा और सैनिकों की जगह असैनिक समूह की तैनाती करेगा जो भारतीय सैनिकों के काम को ही आगे बढ़ाएगा।
Published on:
05 Feb 2024 12:57 pm

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