Pakistan News: पाकिस्तान में अपराधियों का बोलबाला सर चढ़कर बोल रहा है। बीते दिनों पूर्व प्रधानमंत्री के काफिले पर हमले के बाद आज पुलिस कैंप पर डकैतों के हमले की खबर सामने आई है। इस हमले में पुलिस के सात अधिकारियों की मौत हो गई।
Pakistan News: पाकिस्तान में बेखौफ अपराधियों ने आज एक और बड़ी घटना को अंजाम दिया है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रविवार को डाकुओं ने एक पुलिस कैंप पर हमला कर दिया। इस हमले में सात पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई। इसके साथ-साथ डकैतों ने 20 पुलिस जवानों का अपहरण भी कर लिया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह वारदात सिंध प्रांत के घोटकी जिले में हुई।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिनों पहले अपहरण किए गए कई लोगों की रिहाई के लिए अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए इलाके में शिविर लगाया गया था। इसी शिविर पर डकैतों ने रविवार को हमला कर दिया। घटना के बाद भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके में तलाशी अभियान जारी है। जिस क्षेत्र में यह घटना हुई वह कम आबादी वाला स्थान है और डकैती, टारगेट किलिंग, फिरौती के लिए अपहरण समेत आपराधिक गतिविधियों में शामिल डाकुओं का एक मजबूत ठिकाना है।
घटना की पुष्टि करते हुए डीआईजी जावेद जसकानी ने बताया कि इलाके में बंधकों को छुड़ाने के लिए एक ऑपरेशन के तहत पुलिस कैंप लगाया गया था। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि 150 से अधिक डकैतों ने पुलिस चौकी पर हमला किया, जिसमें एक डीएसपी और दो एसएचओ समेत सात पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई।
हमले में डीएसपी अब्दुल मलिक भुट्टो, एसएचओ अब्दुल मलिक कामंगर, एसएचओ दीन मुहम्मद लेघारी और दो पुलिस कांस्टेबल सलीम चाचादार और जतोई पटाफी मारे गए। डीआईजी जसकानी ने कहा, हमले के बाद दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई है। कचा में पुलिस की एक 'बड़ी टुकड़ी' भेजी गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बंधकों की बरामदगी के लिए अभियान जारी है।
दूसरी ओर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने पुलिस पर हमले की निंदा की। उन्होंने नागरिकों के जीवन और संपत्ति को सुरक्षा प्रदान करने और क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिंध पुलिस के बलिदान की सराहना की और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने विश्वास जताया कि घटना में शामिल आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।