
पाकिस्तान में बाढ़ (फोटो - वीडियो स्क्रीनशॉट)
Pakistan Flood Crisis 2025: पाकिस्तान में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ से देशभर में जबरदस्त तबाही मची (Pakistan Flood Crisis 2025) हुई है। बाढ़ ने 25 जिलों के 4,100 से ज्यादा गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। अकेले पंजाब प्रांत में अब तक 56 लोगों की जान जा चुकी है। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के महानिदेशक इरफान अली काठिया ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा (Pakistan monsoon disaster) से अनुमानित 4.1 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रभावित इलाकों में 425 राहत शिविर (Flood death toll Pakistan) और टेंट सिटीज़ तैयार की गई हैं, जहां लोगों के लिए अस्थायी आश्रय और भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं 500 से अधिक चिकित्सा शिविर भी लगाए गए हैं, जहां अब तक 1.75 लाख से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा चुका है। मरीजों में अधिकतर जलजनित बीमारियों, चोटों और संक्रमण से पीड़ित हैं।
लगातार बचाव कार्य लगातार जारी है। राहत एजेंसियों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से अब तक 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा, पंजाब के कृषि क्षेत्र को बचाने के लिए 1.5 करोड़ से ज्यादा मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
PDMA के अनुसार, पंजाब में 42 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। रावी, सतलुज और चिनाब नदियों के किनारे बसे 4,100 से ज्यादा गांव जलमग्न हो चुके हैं। मुल्तान के उपायुक्त वसीम हामिद सिंधु ने बताया कि हेड त्रिमू से आने वाले उफान को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना बनाई गई है। चिनाब नदी के किनारे बनाए गए बाढ़ बांधों में जलस्तर में कमी आई है, जिससे राहत मिली है। हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नए प्रवाह से जलस्तर फिर से बढ़ सकता है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के मुताबिक, 26 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक देशभर में 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। बाढ़ और बारिश की ये स्थिति पाकिस्तान के लिए अब तक की सबसे भीषण आपदाओं में से एक मानी जा रही है।
बहरहाल पाकिस्तान में आई बाढ़ ने करोड़ों लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित किया है। राहत और बचाव कार्य जोरों पर हैं, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। सरकार और एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन देश को अभी अंतरराष्ट्रीय सहयोग और ठोस योजना की सख्त ज़रूरत है।
Updated on:
07 Sept 2025 03:47 pm
Published on:
07 Sept 2025 03:46 pm
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