
इमरान खान का राष्ट्र के नाम संबोधन, कहा- गुलामी से बेहतर है कि मैं मर जाऊं
Pakistan Imran Khan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार शाम राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने पाकिस्तान की मौजूदा हालात की चर्चा की। खुद की गिरफ्तारी और तहरीक-ए-इंसाफ कार्यकर्ताओं के साथ हो रही बर्बरता का भी उल्लेख किया। शहबाज शरीफ की सरकार पर तीखे हमले करते हुए इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान में कानून का राज नहीं है। इमरान खान ने सुप्रीम कोर्ट को पाकिस्तान की आखिरी उम्मीद बताया और शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों से देश के लोकतंत्र को बचाने का आह्वान किया। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गुलामी से बेहतर है कि मैं मर जाऊं।
पाकिस्तान बनाना रिपब्लिक बनता जा रहा है: इमरान खान
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के यूट्यूब चैनल पर राष्ट्र के नाम संबोधन में इमरान खान ने कहा, 'मैं सुप्रीम कोर्ट के जजों से कहना चाहता हूं, आप ही हमारी आखिरी उम्मीद हैं। पाकिस्तान में कानून का राज नहीं है।' उन्होंने कहा, "देश आपको देख रहा है और आपकी एकता जनता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अब यह आप पर निर्भर है कि आप इस देश को बचाएं और देश के लोकतंत्र के लिए खड़े हों, क्योंकि पाकिस्तान बनाना रिपब्लिक बनता जा रहा है।"
सरकार से बातचीत के लिए समिति बनाएंगे इमरान
इमरान खान ने आगे कहा कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए एक समिति बनाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कल कमेटी की घोषणा होगी। अगर वे कमेटी को बताएं कि उनके पास इसका समाधान है और देश मेरे बिना बेहतर तरीके से काम कर सकता है। अगर वे कमेटी को समझा दें कि देश बेहतर तरीके से काम कर सकता है मेरे बिना, मैं लोगों के लाभ के लिए पीछे हटने को तैयार हूं या वे समिति को बताएं कि अक्टूबर में चुनाव कराने से पाकिस्तान को क्या लाभ होगा।"
मानवाधिकार की भी इमरान खान ने उठाई बात
इमरान खान ने यह भी कहा कि सत्ता में बैठे लोगों का मानना है कि वे अक्टूबर तक पीटीआई को कुचल देंगे। लेकिन यह संभव नहीं है। इमरान खान ने अपने संबोधन में मानवाधिकार संगठनों पर लोकतंत्र के लिए आवाज नहीं उठाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "कहां हैं हमारे मानवाधिकार? कहां हैं मानवाधिकार और लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने वाले लोग?" उन्होंने यह भी कहा कि गुलामी से बेहतर है कि मैं मर जाऊं।
पीटीआई के 10000 से अधिक कार्यकर्ता जेल में
इमरान ने कहा कि इस समय पीटीआई के 10000 से अधिक कार्यकर्ता जेल में हैं। इमरान खान ने पीटीआई कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने शिरीन मजारी को पेश आ रही दिक्कतों के बारे में भी बात की।
क्रिकेटर से नेता बने इमरान ने कहा कि उन्हें राहत मिली है कि शिरीन मजारी ने खुद को बचाने के लिए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) छोड़ दी क्योंकि वह ब्लड प्रेशर की मरीज हैं और उन्हें एक जेल से दूसरी जेल ले जाया गया।
फवाद खान ने पीटीआई छोड़ी
दूसरी ओर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी एक-एक करके उनका साथ छोड़ रहे हैं। अब उनकी सरकार में मंत्री रहे फवाद चौधरी ने भी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। बुधवार को फवाद ने ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी दी और इमरान को एक और झटका दिया।
फवाद का जाना इमरान के साथ ही साथ पीटीआई के लिए भी एक बड़ा झटका है। फवाद ने इमरान खान से भी नाता तोड़ लिया है। उनके इस्तीफे के कुछ ही घंटे पहले इमरान ने कहा था कि उनकी पार्टी के नेताओं का 'जबरन तलाक' कराया जा रहा है।
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Updated on:
25 May 2023 06:52 am
Published on:
24 May 2023 09:59 pm

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