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Kuwait Fire: जब कोई रास्ता नहीं मिला, तब बिल्डिंग से कूदे लोग, सभी की मौत, एक बचा…कुवैत अग्निकांड का खौफनाक मंजर

Kuwait Fire: नलिन ने कहा कि मेरी हालत उस वक्त ऐसी थी कि आगे कुआं पीछे खाई, यानी अगर मैं बिल्डिंग में से ही बाहर निकलने की कोशिश करता तो पक्का मर ही जाता क्योंकि वहां से कोई बाहर निकलने का रास्ता नहीं था। और अगर छत से कूदता तो भी मरता लेकिन कहीं ना कहीं बचने की उम्मीद थी।

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person from Kerala tells what he saw about the Kuwait fire

Kuwait Fire: कुवैत की आवासीय इमारत में लगी आग से 49 लोगों की मौत से पूरी दुनिया में शोक का माहौल है। सबसे दुखद बात भारत के लिए है क्योंकि सबसे ज्यादा 40 मौतें भारतीयों की हुई हैं। इस इमारत में रहने वाले एक शख्स के साहस और जीवित रहने की एक कहानी सामने आई है, जो वाकई में काबिले-तारीफ है। इस शख्स ने ना सिर्फ अपनी जान बचाई बल्कि अपनी जान बचाकर अपने परिवार का एकलौता सहारा बना रहा। केरल (Kerala) के त्रिक्करीपुर के रहने वाले इस शख्स का नाम नलिनाक्शन है जो कुवैत में रहकर मजदूरी कर रहे हैं।

तीसरी मंजिल पर फंसे थे नलिन

रिपोर्ट के मुताबिक इमारत में आग लगने के दौरान (Kuwait Fire) नलिन तीसरी मंजिल के अपार्टमेंट में ही थे। आग की लपटों से बचने की उन्होंने साहसपूर्ण कोशिश की। लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि निकलें तो निकलें कहां से। पूरी बिल्डिंग में एक खिड़की तो छोड़िए..वेंटिलेशन तक की जगह नहीं थी। फिर उसने एक ऐसा फैसला लिया जिससे उसकी जान भी जा सकती थी। नलिन ने बताया कि " मेरी हालत उस वक्त ऐसी थी कि आगे कुआं पीछे खाई, यानी अगर मैं बिल्डिंग में से ही बाहर निकलने की कोशिश करता तो पक्का मर ही जाता क्योंकि वहां से कोई बाहर निकलने का रास्ता नहीं था। और अगर छत से कूदता तो भी मरता लेकिन कहीं ना कहीं बचने की उम्मीद थी। इसलिए मैंने बिल्डिंग के नीचे छलांग लगाने की सोच ली। फिर मैं हिम्मत जुटा कर छठी मंजिल से कूद गया। लेकिन इतना था कि मैं पास की पानी की टंकी पर गिरा, जिससे मेरे हाथ पैर टूट गए।"

बिल्डिंग से कूदने वाले सभी लोगों की हुई मौत, सिर्फ नलिन बचे

इस घटना (Kuwait Fire) के बाद जब बिल्डिंग में सुरक्षा कर्मी पहुंचे तो नलिन के ना मिलने की खबर पहुंची जिसके बाद पास में रहने वाले रिश्तेदारों ने तुरंत उसे ढूंढ लिया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। बता दें कि नलिन जैसे ही कई लोगों ने बिल्डिंग से जान बचाने के लिए छलांग लगाई थी लेकिन इनमें से कई लोगों की मौत हो गई। वहीं भारत की तरफ से एक लिस्ट जारी हुई है जिसमें मारे गए लोगों की डिटेल दी हुई है साथ ही ये भी बताया गया है कि वो कुवैत में क्या करते थे। इनमें सबसे ज्यादा लोग केरल से हैं, इसके बाद तमिलनाडु और फिर उत्तर भारत से….

ये भी पढ़ें- Kuwait Fire: वो 5 बड़ी वजह…जिससे कुवैत में जिंदा जल गए 49 लोग

Kuwait Fire में इन लोगों की हुई मौत

1. केरल के पंडालम से आकाश एस नायर (23)। पिछले 6 साल से कुवैत में काम कर रहे थे

2. कोल्लम पूयाप्पल्ली से उमरुद्दीन शमीर (33)। कुवैत में ड्राइवर

3. कोट्टायम पंपडी से स्टेफिन अब्राहम साबू (29)। इंजीनियर

4. कासरगोड के चेंगला पंचायत के चेरकाला में कुंडदुकम के केआर रंजीत (34)। 10 साल से कुवैत में स्टोरकीपर

5. कासरगोड से केलू पोनमलेरी (55)। प्रोडक्शन इंजीनियर

6. वज़हमुट्टम, पथानामथिट्टा से पी वी मुरलीधरन। 30 साल से कुवैत में

7. पुनालुर, कोल्लम से साजन जॉर्ज। केमिकल इंजीनियर,  

8. लुकोस (48) कोल्लम के वेलिचिकला से। 18 साल से कुवैत में 

9. कोन्नी से साजू वर्गीस (56)

10. तिरुवल्ला से थॉमस ओम्मन

11. धर्मडोम, कन्नूर से विश्वास कृष्णन

12. कूटयी, तिरुर, मलप्पुरम से नूह

13. मलप्पुरम से एमपी बहुलायन

14. चंगनास्सेरी, कोट्टायम से श्रीहरि प्रदीप

15. निरनम, पथानामथिट्टा से मैथ्यू जॉर्ज

16. सिबिन टी अब्राहम (31) कीझवईपुर, पथानामथिट्टा से

अन्य भारतीय 

1. प्रवीण माधव

2. भूनाथ रिचर्ड रॉय आनंद

3. अनिल गिरी

4. मुहम्मद शरीफ

5. द्वारिकेश पटनायक

6. अरुण बाबू

7. रेमंड

8. जीसस लोपेज़

9. डेनी बेबी करुणाकरण