
PM Narendra Modi and Brunei Sultan Haji
PM Modi in Brunei: राजनयिक संबंधों की स्थापना के 40 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को ब्रुनेई पहुंचे। ये किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ब्रुनेई यात्रा है। इसके बाद 4 और 5 सितंबर को वे सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के निमंत्रण पर सिंगापुर जाएंगे। दो दिवसीय ब्रुनेई यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सुल्तान हाजी हसनल बोल्किया (Sultan Haji Hassanal Bolkiah) के साथ बैठक करेंगे। विदेश मंत्रालय के सचिव जयदीप मजूमदार ने कहा कि ब्रुनेई भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) और एशिया-प्रशांत के लिए विजन के लिए एक अहम भागीदार है। यात्रा में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ ही ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करने पर जोर दिया जाएगा। PM मोदी और सुल्तान की पहली मुलाकात नवंबर 2014 में नेपीता में 25वें आसियान शिखर सम्मेलन (ASEAN Summit) के दौरान हुई थी। इसके बाद नवंबर 2017 में मनीला में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों मिले थे।
दोनों के बीच राजनयिक संबंध मई 1984 में स्थापित किए गए थे। मई 1993 में ब्रुनेई दारुस्सलाम में भारतीय मिशन स्थापित किया गया था। ब्रुनेई का उच्चायोग भारत में अगस्त 1992 में स्थापित किया गया था। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, गुटनिरपेक्ष आंदोलन, राष्ट्रमंडल, आसियान जैसे अहम अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के सदस्य हैं।
तेल समृद्ध ब्रुनेई दक्षिण-पूर्व एशिया में जनसंख्या के हिसाब से सबसे छोटा देश है। साढ़े चार लाख की आबादी में करीब साढ़े 14 हजार भारतीय हैं। दक्षिण चीन सागर के जरिए हिंद और प्रशांत महासागरों को जोडऩे वाले महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों के करीब है। इसकी अर्थव्यवस्था तेल और गैस पर आधारित है। ब्रुनेई एशिया में दूसरा सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय वाला देश है।
2023 में ब्रुनेई दारुस्सलम का भारत के साथ कुल व्यापार 195.2 मिलियन अमरीकी डॉलर का रहा है। भारत से ब्रुनेई को ऑटोमोबाइल, परिवहन उपकरण, चावल और मसाले निर्यात होते हैं। भारत ब्रुनेई से कच्चे तेल का सबसे बड़ा आयातक है और हर साल लगभग 500-600 मिलियन अमरीकी डॉलर का कच्चा तेल आयात करता रहा है।
Published on:
04 Sept 2024 09:21 am

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