
Earthquake (Image source: Patrika)
Earthquake: भारत सहित पाकिस्तान (Pakistan), म्यांमार और ताजिकिस्तान में भूकंप (earthquake)के झटकों ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है। इन झटकों ने मध्य और दक्षिण एशिया की भूगर्भीय अस्थिरता को फिर से उजागर कर दिया है। भारत, म्यांमार (Myanmar) और ताजिकिस्तान (Tajikistan) में रविवार सुबह मात्र एक घंटे में आए चार भूकंप आए। भूकंप के झटके भारत ( india) के हिमालयी क्षेत्रों से लेकर मध्य एशियाई शहरों तक महसूस किए गए। इन झटकों ने लोगों को अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र की भूगर्भीय अस्थिरता एक बार फिर उजागर हुई।
ताजिकिस्तान में सुबह 9 बज कर 54 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप की रिएक्टर स्केल पर 6.1 तीव्रता मापी गई है। इसका केंद्र 38.86°N, 70.61°E पर था, और यह दिन का सबसे मजबूत भूकंप था।भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी। पिछले 24 घंटों में यह ताजिकिस्तान में दूसरी बार भूकंप आया है। ताजिकिस्तान में कई दुकानों और स्कूलों खाली करवा लिया गया। इसके बाद ताजिकिस्तान में सुबह 10:36 बजे 3.9 तीव्रता का एक और भूकंप आने या जिससे क्षेत्र में भूगर्भीय गतिविधियां बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार म्यांमार के मध्य क्षेत्र में रविवार सुबह म्येइकथिला (Meiktila) के पास 5.5 तीव्रता का भूकंप आया, जो मांडले क्षेत्र का एक छोटा शहर है। यह झटका 28 मार्च को आए शक्तिशाली 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद का एक सबसे तेज़ आफ्टरशॉक (उत्तर झटका) माना जा रहा है, जिसने इस क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। उस भूकंप में 3,600 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग जख्मी हो गए थे।
रविवार के भूकंप का केंद्र मांडले, जो म्यांमार का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और पिछले भूकंप में बुरी तरह प्रभावित हुआ था और राजधानी नेपिडॉ (Naypyitaw) के बीच स्थित था। नेपिडॉ में पिछले महीने सरकारी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा था। म्यांमार के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह भूकंप मांडले से लगभग 97 किलोमीटर (60 मील) दक्षिण में वुंदविन टाउनशिप (Wundwin Township) में 20 किलोमीटर (12 मील) की गहराई में आया। यहां भूकंप इतना तेज था कि लोग इमारतों से बाहर निकलने लगे, और कुछ घरों की छतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
रविवार सुबह करीब 9 बजे पहला झटका भारत के हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में आया, यहां भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई और इसकी गहराई लगभग 5 किलोमीटर थी। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, हिमाचल में भूकंप का केंद्र 31.49 डिग्री उत्तर अक्षांश और 76.94 डिग्री पूर्व देशांतर पर स्थित था।
हालांकि इस भूकंप को हल्का माना गया, लेकिन इसका असर इतना अधिक था कि कई लोगों ने पहले एक हल्की आवाज सुनी और फिर अचानक जमीन कंपन्न होने लगा। तब लोग घबरा कर आनन-फानन में अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
ध्यान रहे कि भारत के जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में भी कल भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
पाकिस्तान में यह भूकंप बीते दो हफ्तों में तीसरी बार भूकंप आया है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार दोपहर 5.8 तीव्रता का तेज़ भूकंप आया, जिससे शहर और आसपास के इलाकों में ज़ोरदार झटके महसूस किए गए। यह भूकंप दोपहर 1:00 बजे (भारतीय समयानुसार) आया और इसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र 33.63° उत्तरी अक्षांश और 72.46° पूर्व देशांतर पर स्थित था। इस भूकंप से अभी तक किसी प्रकार की जान-माल की हानि की सूचना नहीं है, लेकिन लोग दहशत में अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। इस भूकंप से पहले शनिवार को ही दोपहर 12:24 बजे ताजिकिस्तान में भी 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था और यह पाकिस्तान वाले भूकंप से लगभग आधा घंटा पहले आया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में इससे पहले, 2 अप्रैल को सुबह 2:58 बजे 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। वहीं बलूचिस्तान क्षेत्र में 4.6 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया था, जिसका केंद्र उथाल शहर से 65 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था। उस समय झटके कराची तक महसूस किए गए थे। विशेषज्ञों के अनुसार, क्षेत्र की भूगर्भीय स्थिति इसे संवेदनशील बनाती है और लगातार हलचलें इसी अस्थिरता का संकेत हैं।
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Published on:
13 Apr 2025 01:41 pm

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