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पाक को झटका: जनरल बाजवा की जिस USA यात्रा पर इतरा रहा था पाकिस्तान, उसे अमरीका ने चार लाइन में समेट दिया, एक्सपर्ट हैरान

पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ इन दिनों अमरीका की यात्रा पर हैं। शुक्रवार 30 सितंबर से शुरू हुआ उनका अधिकारिक दौरा 6 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। एक सप्ताह के इस दौरे में जनरल बाजवा ने कई मीटिंग्स में हिस्सा लिया है और अमरीका के रक्षा मंत्री लॉयड जे आस्टिन से अमरीका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन जाकर मुलाकात भी की। लेकिन इस मुलाकात के बारे में जो अधिकारिक स्टेटमेंट अमरीका ने जारी किया है, वो जानकारों को हैरान कर रहा है। कुछ एक्सपर्ट का कहना है उन्होंने आज तक इतना संक्षिप्त स्टेटमेंट नहीं देखा।

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खाली हाथ लौटेंगे अमरीका से जनरल बाजवा

खाली हाथ लौटेंगे अमरीका से जनरल बाजवा

हाईलाइट

जनरल बाजवा के अमरीकी दौरे को लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों ने साधी रहस्यमयी चुप्पी
जनरल बाजवा की यात्रा पर रक्षा मंत्रालय ने जारी किया चार लाइन का बयान
अमरीकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन से मुलाकात रह गई गोपनीय
मीडिया को बुलाने का कार्यक्रम कर दिया गया स्थगित, नहीं हुआ भव्य सम्मान
पिछले साल कम से कम तीन बार पुनर्निर्धारित किया गया था सेना प्रमुख का दौरा

वाशिंगटन : पाकिस्तान मीडिया में ये दावा किया जा रहा था कि अमरीकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन आज पेंटागन में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के सम्मान में एक 'Honor Cordon' की मेजबानी करेंगे। लेकिन खबर है कि पाकिस्तान के ये सब सपने धरे के धरे रह गए। बता दें, पाकिस्तान के (सीओएएस) जनरल बाजवा एक सप्ताह के दौरे पर अमरीका में हैं और वहाँ वह रक्षा और खुफिया प्रमुखों से मुलाकात करने वाले थे। पर उनकी ये सारी मुलाकातें अब गोपनीय बनकर रह जाने की आशंका गहरा गई है।

खास सम्मान होता है Honor Cordon

बता दें, अमरीका में, 'सम्मान कॉर्डन' आम तौर पर अमरीकी राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, वैधानिक नियुक्तियों, देश की सेना के सामान्य या ध्वज अधिकारियों के लिए आरक्षित होते हैं। इन अमरीकी अधिकारियों के अलावा विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को भी इस सम्मान की पेशकश की जाती है, और ऐसे अवसरों के लिए जहां इस तरह के समारोह अंतरराष्ट्रीय सद्भावना को बढ़ावा देते हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को और भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी हाल में ये सम्मान दिया गया था।

चलता रहा गुप्त मीटिंग्स का दौर

इससे पहले आज, पाकिस्तानी अखबार द न्यूज ने बताया था कि पाक सेना प्रमुख ने वाशिंगटन में बाइडेन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। पाक सेना प्रमुख शुक्रवार को अमरीका पहुंचे थे और अपनी यात्रा के पहले चरण में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों से मिले थे। पाकिस्तानी सरकार के अधिकारियों ने यात्रा के बारे में चुप्पी साध ली है, लेकिन सूत्रों ने पुष्टि की है कि सेना प्रमुख ने सोमवार से वाशिंगटन डीसी में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक शुरू कर दी थी।

अमरीका ने दिया झटका

प्राप्त जानकारी के अनुसार जनरल बाजवा कुछ और दिनों के लिए अमरीका में रह सकते हैं। अमरीका पर अलकायदा के हमले के बाद अमरीका और पाकिस्तान के संबंध नाटकीय रूप से बदल गए थे और इनमें पिछले कुछ दिनों में तब फिर से गर्माहट देखी गई जब शरीफ प्रशासन के आने पर अमरीका ने एफ-16 रखरखाव पैकेज पाकिस्तान को दिया और बाढ़ राहत के रूप में बढ़ी राशि प्रदान की थी। दावा किया जा रहा था कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में विविधता आ रही है लेकिन रक्षा और सुरक्षा संबंध हमेशा मजबूत रहे हैं। लेकिन अब अमरीका ने पाकिस्तान को एक बार फिर झटका दिया है। पाक सेना प्रमुख का कोई सार्वजनिक रूप से कथित घोषित सम्मान नहीं किया गया है।

चार लाइन में अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा

इस मौके पर जारी एक बयान में पेंटागन ने केवल इतना कहा, कि रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने अमरीका और पाकिस्तान के संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के दौरान पेंटागन में पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा की मेजबानी की। दोनों देश में चली आ रही दीर्घकालीन भागीदारी को जारी रखते हुए आज चर्चा के दौरान रक्षा संबंधी आपसी हितों और अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया।’

पाकिस्तान अब खो चुका है भरोसा

अमरीका के सिक्योरिटी एनालिस्ट और प्रोफेसर डेरेक जे ग्रोसमैन, जिनकी अमरीका और पाकिस्तान की इस मुलाकात पर नजर थी, उन्होंने पाकिस्तानी जनरल बाजवा की पेंटागन यात्रा के बाद जो अमरीकी रक्षा विभाग ने स्टेटमेंट जारी किया, उस पर ट्वीट किया है कि - ''वाह, यदि यह स्टेटमेंट सबसे छोटा नहीं है तो यह सबसे छोटे में से एक तो अवश्य है - - अब तक जो भी आधिकारिक बयान जो मैंने कभी देखे हैं। यह दिखाता है कि अमरीका पाकिस्तान के साथ अपनी साझेदारी में अब कितनी सावधानी से पेश आ रहा है। '' साफ है कि अब पाकिस्तान के लिए अमरीका का भरोसा जीतना नामुमकिन जैसा हो गया है।

गौरतलब है कि यही वो सिक्योरिटी एडवाइजर प्रोफेसर डेरेक जे ग्रोसमैन हैं, जिन्होंने बाजवा और आस्टिन की मुलाकात से पहले ट्वीट किया था कि आज का दिन भारत के लिए अच्छा नहीं रहने वाला और पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने इस ट्वीट को लाइक किया था।

पिछले साल इमरान के काल में टलती रही यात्रा

बता दें पाक सेना प्रमुख की अमरीका यात्रा लंबे समय से लंबित थी और पिछले साल कम से कम तीन बार पुनर्निर्धारित की गई थी। जनरल बाजवा आखिरी बार 2019 में अमरीका गए थे।

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