
Shahbaz Sharif And Narendra Modi
पाकिस्तान में 16 मार्च को हुए तालिबान के हमले और फिर इसके बदले में अफगानिस्तान पर हुई पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक (Pakistan Airstrike On Afghanistan) का मामला गर्माया हुआ है। इससे अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच की दोस्ती में दरार पड़ती हुई भी नज़र आ रही है। इस बात को और हवा दे दी है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ (Shahbaz Sharif) ने। शाहबाज़ शरीफ ने बयान दिया है कि वो सीमापार से अपने क्षेत्र में आतंकवाद ज़रा भी बर्दाश्त नहीं करेंगे चाहे परिस्थिति कोई भी हो।
पाकिस्तान की सीमाएं हैं 'रेड लाइन'
आज पाकिस्तान कैबिनेट की बैठक में शाहबाज शरीफ ने ये बयान दिया। उन्होंने मीटिंग की शुरुआत से पहले उत्तरी वज़ीरिस्तान हमले में शहीद 7 जवानों (Taliban Attack on Pakistan Army) के लिए प्रार्थना की। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि इस आतंकवाद के चलते ही उनके देश के हजारों लोगों की जान चली गई है। अब दुर्भाग्य से फिर से आतंकवाद ने अपना सिर उठा लिया है। इतने बलिदानों और संसाधनों के खर्च के बावजूद पाकिस्तानी सेना आतंकवाद को खत्म करने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रही है। शाहबाज़ (Shahbaz Sharif) ने कहा कि अब वो इस आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं कर सकते। पाकिस्तान की सीमाएं आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक लाल रेखा है जिसे पार करने खतरा होगा।
भारत से आतंकवाद को खत्म करने का किया अनुरोध!
शाहबाज़ ने कहा कि पाकिस्तान अपने पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण माहौल बनाना चाहते हैं। पाकिस्तान उनके साथ व्यापार, वाणिज्य समेत अपने संबंधों का विस्तार करना चाहता है लेकिन अगर किसी पड़ोसी देश की जमीन का उपयोग आतंकवाद के लिए किया जाएगा तो ये सहन नहीं किया जाएगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने भारत का नाम लिए बगैर कहा कि पड़ोसी देशों से अनुरोध किया है कि वो इस आतंकवाद को खत्म करने की योजना पर साथ में काम करें। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हमारा पड़ोसी देश उनके निमंत्रण पर विचार करेगा।
Published on:
20 Mar 2024 05:45 pm

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