16 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रंप के जाते ही चीन की चालबाजी शुरू, ताइवान के पास दिखे 9 चाइनीज़ जहाज

China-Taiwan Conflict: ताइवान के खिलाफ चीन की साजिश जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जाने के बाद चीन ने एक बार फिर अपनी चालबाजी शुरू कर दी है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Tanay Mishra

May 16, 2026

Chinese vessels

Chinese vessels

अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का दो दिवसीय चीन (China) दौरा समाप्त हो चुका है। 9 वर्षों में यह अमेरिकी राष्ट्रपति की पहला चीन दौरा था। इस दौरान उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) से भी मुलाकात हुई और दोनों राष्ट्रपतियों के बीच करीब दो घंटे तक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें ताइवान (Taiwan) का मुद्दा भी शामिल था। जिनपिंग ने ट्रंप को ताइवान मुद्दे पर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका-चीन संबंधों के लिए ताइवान सबसे संवेदनशील मुद्दा है। अगर इसे सही तरीके से नहीं संभाला गया तो दोनों देशों के बीच टकराव हो सकता है, जो द्विपक्षीय संबंधों को खतरे में डाल देगा। जिनपिंग ने यह भी साफ कर दिया कि वह जंग नहीं चाहते। हालांकि ट्रंप के जाते ही चीन की चालबाजी फिर से शुरू हो गई है।

ताइवान के पास दिखे चाइनीज़ जहाज

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनके क्षेत्र के आसपास 15 मई को सुबह 6 बजे से 16 मई को सुबह 6 बजे के बीच चीन के 9 जहाज देखे गए। इनमें 8 छोटे जहाज और 1 आधिकारिक शिप भी शामिल है। हालांकि इस दौरान चीन के किसी विमान की ताइवान के पास कोई गतिविधि नहीं देखी गई। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार पूरी स्थिति पर उनकी नज़र है। साथ ही देश की सेना भी अलर्ट मोड पर है।

ताइवान पर नहीं है स्पष्टता

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने जिनपिंग से ताइवान पर विस्तार से चर्चा की, जिसमें अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियार बेचने का मुद्दा भी शामिल था। हालांकि ट्रंप ने कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई और कहा कि उन्होंने जिनपिंग के सवाल पर जवाब नहीं दिया कि अमेरिका ताइवान की रक्षा करेगा या नहीं। गौरतलब है कि इस मुद्दे पर अमेरिका ने हमेशा ही चीन के खिलाफ ताइवान का साथ दिया है और साथ ही मदद का आश्वासन भी दिया है।

क्या है चीन-ताइवान विवाद की वजह?

चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। तभी से ताइवान अपना स्वतंत्र अस्तित्व मानता है और खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है। कई अन्य देश भी ताइवान को एक स्वतंत्र देश मानते हैं। वहीं चीन इसका विरोध करता है और ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। चीन कई मौकों पर साफ कर चुका है कि ताइवान का चीन में विलय होकर रहेगा। इसी वजह से दोनों देशों में विवाद चल रहा है और स्थिति काफी तनावपूर्ण हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन खुफिया तरीके से ताइवान पर हमला करने का प्लान बना रहा है। हालांकि चीन की तरफ से अब तक इस बात की पुष्टि नहीं की गई है।