
ship hijacked by Houthi rebels
लगभग एक महीने पहले यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi rebel) ने लाल सागर (Red Sea) में एक शिप को हाईजैक कर लिया था, अब यमन की सरकार का कहना है कि ये जहाज अब लाल सागर में डूब गया है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर (UKMTO), जो मध्य पूर्व जलमार्गों पर नज़र रखता है, उसने इस बात की पुष्टि की है कि लाल सागर में रूबीमार शिप, जिसे एक महीने पहले हूती विद्रोहियों ने हाईजैक कर लिया था, वो अब इसी लाल सागर में डूब गया है।
इस सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक ये जहाज U.K. (यूनाइटेड किंगडम) का था, जो ज्वलनशील उर्वरकों का परिवहन करता था। बीती 18 फरवरी को लाल सागर (Red Sea) के बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab al-Mandab Strait) से गुजर रहा था। तभी हेलीकॉप्टर में सवार हूती विद्रोही इस रूबीमार शिप पर मिसाइलों से हमला कर दिया। गनीमत ये रही कि हमला होते ही शिप के क्रू मेंबर्स जहाज को छोड़ दिया था और अपनी जान बचा ली थी। हमले के बाद हूती विद्रोही (Houthi rebel) जहाज पर उतर गए और पूरे शिप पर अपना कब्जा कर लिया।
इजरायल के समर्थन वाले देशों के जहाज हाईजैक
कुछ देर बाद हूती विद्रोहियों की तरफ से ये बयान जारी हुआ था, कि गाजा पर इजरायल (Israel-Hamas War) के युद्ध को खत्म करने के लिए दबाव बनाने के लिए वो इजरायल, अमेरिका, ब्रिटेन के जहाजों को लगातार निशाना बना रहे हैं, और इस बार उन्होंने यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) के स्वामित्व वाले जहाज रूबीमार को हाईजेक कर लिया है। चिंता करने वाली बात ये है कि नवंबर 2023 में हूती विद्रोहियों ने कॉमर्शियल शिप्स को निशाना बनाना शुरू किया था, लेकिन रूबीमार शिप का हाईजैक के बाद डूब जाना ये पहला मामला है।
ब्रिटेन PM हैं इसके जिम्मेदार!
हूती के सर्वोच्च क्रांतिकारी समिति के प्रमुख मोहम्मद अली अल-हौथी ने कहा कि समूह ने गाजा (Gaza) में हो रहे नरसंहार और घेराबंदी के लिए समर्थन के कारण जहाज डूबने के लिए ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सनक और उनकी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
लाल सागर में 29 किलोमीटर तक फैला तेल
अमेरिका (America) समेत यमन और कई देशों ने अब चिंता जताई है कि इस जहाज पर 41,000 टन से ज्यादा ज्वलनशील उर्वरक लदा हुआ था। लेकिन जहाज के डूबने से ये सब कुछ लाल सागर में फैल गया है। अमेरिकी सेना ने कहा है कि हमले में इस रूबीमार शिप को काफी नुकसान पहुंचा है और 18 मील यानी करीब 29 किलोमीटर तक तेल फैल गया है, जो कि समुद्र के वातावरण के लिए कहीं से भी अच्छा नहीं है।
कौन हैं हूती विद्रोही
हूती यमन (Yemen) के शिया जैदी समुदाय से जुड़े हुए हैं। यमन में ये समूह अल्पसंख्यकों में गिना जाता है। 1990 में तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल्लाह सालेह पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इस समूह का गठन हुआ था। हुसैन अल हूती ने इसकी स्थापना की थी, इसलिए इस समूह को हूती कहा जाता है। हूती विद्रोही अमेरिका और इजरायल को अपना दुश्मन मानते हैं। इस समूह को ईरान से समर्थन मिला हुआ है, इधर हूती भी हिज्बुल्लाह और हमास जैसे आतंकी संगठनों का समर्थन करता है। यमन में साल 2014 में हूती राजनैतिक तौर पर काफी मजबूत हो गए थे और अब ये बार-बार इजरायल और इसके समर्थक देशों के जहाजों को बार-बार निशाना बना रहे हैं।
Published on:
03 Mar 2024 10:09 am
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