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25 साल बाद वापस मिली असली आवाज़: AI ने दिया ज़िंदगी का नया एहसास

AI Voice Restoration: ब्रिटेन की सारा एज़ेकिएल को 25 साल बाद AI तकनीक की मदद से उनकी असली आवाज़ वापस मिल गई।

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भारत

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MI Zahir

Aug 24, 2025

AI Voice Restoration

ब्रिटेन की रहने वाली सारा एज़ेकिएल। ( फोटो: X Handle .)

AI Voice Restoration: ब्रिटेन की रहने वाली सारा एज़ेकिएल (Sarah Ezekiel) 25 साल से बोल नहीं पा रही थीं, लेकिन अब वे अपनी असली आवाज़ में बोल सकती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से यह चमत्कार हुआ, जिसने उन्हें फिर से खुद से जुड़ने का एहसास दिलाया। दरअसल सारा को 34 साल की उम्र में एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी MND हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने बोलना और हाथ हिलाना तक छोड़ दिया था। अब तक वे सिर्फ रोबोटिक मशीन (Robotic machine) की आवाज़ से बोल पाती थीं, जो बहुत कृत्रिम लगती थी। एक पुरानी VHS कैसेट में आठ सैकंड की रिकॉर्डिंग में उनकी असली आवाज़ मिली। उस छोटी सी क्लिप को देख कर टेक्नोलॉजी कंपनी Smartbox ने ElevenLabs के सहयोग से उस आवाज़ को फिर से बनाया।

AI ने कैसे दोबारा ज़िंदा की आवाज़

AI ने उस पुराने ऑडियो से उनकी आवाज़ के उच्चारण, लहजे और भाव को समझा और फिर नई टेक्नोलॉजी से सारा की असली आवाज़ तैयार की। यह आवाज़ अब मशीन से नहीं, दिल से निकलती हुई लगती है।

पहली बार सुनी आवाज़ तो रो पड़ीं सारा

जब उन्होंने पहली बार अपनी “खुद की” आवाज़ सुनी, तो वो भावुक हो गईं। उन्हें लगा जैसे उनकी असल पहचान लौट आई हो। उनके बच्चे भी हैरान और भावुक हो गए, जिन्होंने अपनी माँ की असली आवाज़ पहले कभी नहीं सुनी थी।

AI सिर्फ मशीन नहीं, इन्सानियत का ज़रिया भी

यह सिर्फ तकनीक का उदाहरण नहीं, बल्कि उस उम्मीद का संकेत है जो AI जैसे साधनों से लाखों मूक लोगों को मिल सकती है। अब AI इन्सानों की जगह नहीं ले रहा, बल्कि उन्हें खुद से दुबारा जोड़ रहा है।

लोग भावुक हो रहे

लोग सोशल मीडिया पर इस चमत्कारिक सफलता को देखकर भावुक हो रहे हैं। कई यूज़र्स ने लिखा कि तकनीक अब सिर्फ विकास का नहीं, इंसानियत का भी साधन बन चुकी है।

कौन हैं सारा एज़ेकिएल : एक नजर

सारा एज़ेकिएल (Sarah Ezekiel) एक ब्रिटेन की कलाकार हैं, जिन्हें उनकी प्रेरणादायक जीवन यात्रा के लिए जाना जाता है। वे मोटर न्यूरॉन डिज़ीज़ (Motor Neurone Disease - MND) से पीड़ित हैं — यह एक दुर्लभ और गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिससे शरीर की मांसपेशियों पर धीरे-धीरे नियंत्रण खत्म हो जाता है।

34 की उम्र में ​MND का निदान

सारा को 34 वर्ष की उम्र में MND का निदान हुआ था। इस बीमारी के कारण उन्होंने अपनी बोलने और शरीर को हिलाने की क्षमता खो दी। बीमारी के बावजूद उन्होंने अपनी कला को नहीं छोड़ा। उन्होंने आंखों से नियंत्रित तकनीक (Eye Gaze Technology) की मदद से डिजिटल पेंटिंग शुरू की।

सारा का कलाकार के रूप में योगदान

सारा की पेंटिंग्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। उन्होंने अपने अनुभवों को कैनवास पर उतारकर लोगों को उम्मीद और प्रेरणा दी है। वे AI और असिस्टिव टेक्नोलॉजी की समर्थक भी हैं, जो विकलांग लोगों को नया जीवन देती हैं।