
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (ANI)
Iran-Israel War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान को एक नए अल्टीमेटम के साथ सख्त चेतावनी दी है। राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने तेहरान पर दबाव बनाए रखने की स्पष्ट रणनीति अपनाई है। आधिकारिक बयान के पहले ही, मंगलवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान के प्रतिनिधियों से संवाद में ईरान को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश भी भेजा था।
जेडी वेंस ने पाकिस्तानी मध्यस्थों से मुलाकात में ईरान के खिलाफ कट्टर रुख अपनाया। बताया जा रहा है कि वेंस ने तेहरान को स्पष्ट संकेत दिए कि अमेरिका अब और इंतजार नहीं कर सकता और यदि ईरान डील के लिए तैयार नहीं होता तो उस पर राजनीतिक एवं आर्थिक दबाव बढ़ता रहेगा। सूत्र ने यह भी कहा कि उपराष्ट्रपति वेंस ने यह संदेश ट्रंप के निर्देश पर दिया था, हालांकि अमेरिकी प्रशासन की तरफ से इस बात की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
मुलाकात में वेंस ने यह स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन अब इंतजार की स्थिति में नहीं है। ईरान को जल्द डील के लिए गंभीरता दिखानी होगी। यदि तेहरान तैयार नहीं होता है तो उन पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और बढ़ाया जाएगा। हालांकि, इस पूरे मामले पर व्हाइट हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान से वार्ता के मोर्चे पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। वह ट्रंप प्रशासन की बातचीत टीम में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, जिसमें विदेश मंत्री मार्को रूबियो, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ, और वेंस के सहायक के तौर पर उनके दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल हैं। विशेष रूप से, वेंस को 2028 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के संभावित प्रमुख उम्मीदवारों में से एक के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उनका राजनीतिक प्रभाव और भी मजबूत हुआ है।
ईरान-इजरायल विवाद का इतिहास कई दशक पुराना है। दोनों देशों के बीच तनातनी मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में उसकी बढ़ती सैन्य और राजनीतिक गतिविधियों के कारण है। इजरायल ईरान को अपने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है, जबकि ईरान इजरायल को क्षेत्र में उत्पन्न अमेरिकी प्रभाव और उसकी नीतियों के लिए जिम्मेदार ठहराता है। इस तनाव ने समय-समय पर सीमापार हमलों, साइबर हमलों और कूटनीतिक संघर्षों को जन्म दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच स्थायी शांति स्थापित करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
Updated on:
02 Apr 2026 12:44 pm
Published on:
02 Apr 2026 11:47 am
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