
US strikes vessel carrying drugs with missile
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) जब से दूसरी बार अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति बने हैं, तभी से ड्रग्स के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। अमेरिका में ड्रग्स एक बड़ी परेशानी का कारण बन चुके हैं। ड्रग्स की बढ़ती तस्करी की वजह से इसके जाल में अमेरिकी युवा फंसते जा रहे हैं। ऐसे में ड्रग्स तस्करी पर लगाम लगाने के लिए ट्रंप ने अपनी सरकार और सेना को हर ज़रूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अक्सर ही अमेरिकी सेना ड्रग्स से लदी नावों को निशाना बनाती है और एक बार फिर ऐसा ही मामला सामने आया है।
अमेरिकी सेना ने हाल ही में ईस्टर्न पैसिफिक सागर क्षेत्र में ड्रग्स से लदी नाव पर मिसाइल दागी। यह काम अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड (Southcom) के जनरल फ्रांसिस डोनोवन (Francis Donovan) के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स साउथर्न स्पीयर यूनिट ने किया। जॉइंट टास्क फोर्स साउथर्न स्पीयर यूनिट ने ड्रग्स ले जा रही एक नाव पर सटीक निशाना लगाते हुए मिसाइल दागी। इससे जोरदार धमाका हुआ और नाव तबाह हो गई और साथ ही इसमें मौजूद ड्रग्स भी पानी में बह गए। साउथर्न कमांड के सोशल मीडिया अकाउंट ने इसका वीडियो शेयर किया है। अमेरिकी सेना का कोई भी सैनिक इस दौरान घायल नहीं हुआ।
अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड की इस कार्रवाई में ड्रग्स से लदी नाव तो तबाव हुई ही, साथ ही इस पर सवार 4 लोगों की भी मौत हो गई। साउथर्न कमांड ने इन चारों को नार्को आतंकी करार दिया।
गौरतलब है कि अमेरिकी सेना अक्सर ही ईस्टर्न पैसिफिक सागर क्षेत्र के साथ ही कैरेबियन सागर क्षेत्र में भी सैन्य कार्रवाई को अंजाम देती हुई ड्रग्स से लदी मावों को निशाना बनाती है। ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अमेरिका का यह अभियान पिछले साल सितंबर से चल रहा है और ट्रंप साफ कर चुके हैं कि यह अभियान जारी रहेगा। इस अभियान के तहत अब तक अमेरिकी सेना करीब 50 हमले कर चुकी है, जिनमें करीब 160 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिन्हें अमेरिका ने नार्को-आतंकी बताया है।
Updated on:
15 Apr 2026 11:08 am
Published on:
15 Apr 2026 10:58 am
