
Masood Azhar
संयुक्त राष्ट्र में पठानकोट हमले के सूत्रधार जैश ए मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने के लिए अमेरिका के प्रस्ताव पर चीन के वीटो करने के बाद चीन सरकार को मनाने के प्रयास शुरू हो गये हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 समिति में हुए इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर यह जानकारी दी।
स्वरूप ने कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम का पता चला है और इस मुद्दे पर चीन सरकार से संपर्क साधा गया है। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के सत्तारूढ़ होने के बाद भारत के पक्ष में अमेरिका के इस कदम और चीन के वीटो से अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक मंच पर खासा तनाव पैदा हो गया है।
सूत्रों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका ने ब्रिटेन एवं फ्रांस के समर्थन से सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध संबंधी 1267 समिति में मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव पेश किया लेकिन चीन ने उसे स्थगित करने का निर्णय लिया।
सूत्रों के अनुसार संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव अमेरिका ने भारत के साथ मिल कर तैयार किया था और माना था कि जब जैश ए मोहम्मद एक प्रतिबंधित संगठन है तो उसका सरगना कैसे उन्मुक्त घूम सकता है। अमेरिकी प्रस्ताव पर आपत्ति उठाने की 10 दिन की समयसीमा के खत्म होने के पहले चीन ने यह स्थगन प्रस्ताव पेश किया।
इस प्रकार से अमेरिका के प्रस्ताव पर छह माह की रोक लग गई है। इसे तीन माह तक और स्थगित रखा जा सकता है। इस दौरान इस प्रस्ताव को हमेशा के लिये रद्द करने का भी फैसला लिया जा सकता है।
Published on:
07 Feb 2017 07:22 pm

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