Russia-Ukraine war: यूक्रेन के खेरसॉन से रूसी सेनाएं पीछे हट गई है और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा कर दिया है, 'खेरसॉन हमारा है।' अमरीका ने भी रूस—यूक्रेन लड़ाई में इसे 'शानदार जीत' बताया है। रूस की सेना का खेरसॉन से पीछे हटना रूस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
खेरसॉन शहर युद्ध की शुरुआत के बाद से रूसी हाथों में पड़ने वाली एकमात्र प्रमुख यूक्रेनी क्षेत्रीय राजधानी थी। खेरसॉन प्रांत चार क्षेत्रों में से एक है, जिन पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सितंबर के अंत में कब्जा करने का दावा किया था। यह क्षेत्र क्रीमिया प्रायद्वीप का एक रणनीतिक प्रवेश द्वार भी है। क्रीमिया पर रूस ने 2014 में अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। यूक्रेन के विदेश मंत्री दमित्रो कुलेबा ने कहा, 'यूक्रेन ने एक और महत्वपूर्ण जीत हासिल की और यह साबित करता है कि रूस कुछ भी करे या कहे, जीत यूक्रेन की होगी।'
रूस ने कहा, हमने नहीं खोया एक भी सैनिक
रूस ने कहा कि उसने एक भी सैनिक को खोए बिना निप्रो नदी के पार 30,000 सैनिकों को वापस ले लिया है। हालांकि, ऐसे भी कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें रूसी सैनिक अपनी वर्दी खोलकर, हथियार गिराते हुए भागने की कोशिश कर रहे हैं। उनमें से कुछ के निप्रो नदी में डूबने के भी दावे किए जा रहे हैं। उधर, यूक्रेन की रक्षा खुफिया इकाई ने यह दावा भी किया कि सैनिक पूरी तरह से नहीं लौटे हैं और आधे से अधिक रूसी सेनाएं जो नदी के दाहिने किनारे पर तैनात थीं, अभी भी वहां तैनात हैं।
यूक्रेनियन खुशी से झूमे, लगाए नारे
रूस के प्रमुख दक्षिणी शहर से पूरी तरह से हटने के बाद यूक्रेन के सैनिकों का खेरसॉन में स्वागत हो रहा है। कई वीडियो में सड़कों पर स्थानीय लोगों को यूक्रेन का राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए और कीव के सैनिकों के आने पर नारे लगाते हुए दिखाया गया है। यूक्रेन के झंडे लहराते नागरिकों की भीड़ फ्रीडम स्क्वायर पर भी दिखी।
रूस ने बाइडन के रिश्तेदारों को किया ब्लैकलिस्टेड
रूस ने 200 अमरीकी नागरिकों के रूस में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है, इनमें अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन के रिश्तेदारों सहित कई सीनेटर शामिल हैं। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यक्तियों की सूची में अधिकारी, उनके करीबी रिश्तेदार, कंपनियों के प्रमुख और विशेषज्ञ शामिल हैं जो 'रूसोफोबिक अभियान को बढ़ावा दे रहे हैं।' ब्लैकलिस्ट किए गए लोगों में बिडेन की बहन वैलेरी और भाई जेम्स और फ्रांसिस, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे और सीनेटर बर्नी सैंडर्स और एलिजाबेथ वॉरेन शामिल हैं। रूस ने पहले से ही 1,000 से अधिक अमरीकियों पर ऐसे प्रतिबंध लगाए हुए हैं।