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कभी खेतों में करते थे काम, अब इनकी फिल्म दिखेगी बार्सिलोना फिल्म फेस्ट में

बचपन में खेतों में काम करने वाले रघुवीर सिंह के बारे में लोगों ने सोचा भी नहीं होगा कि वो एक दिन संभाग, प्रदेश व देश का नाम विश्व पटल पर ऊंचा करेगा।

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Shyamendra Parihar

Apr 24, 2016

indian movie in Barcelona film fest

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सतीश उदैनिया @ ग्वालियर

बचपन में खेतों में माता-पिता के साथ जाकर निराई-गुड़ाई करने वाले रघुवीर सिंह के बारे में लोगों ने सोचा भी नहीं होगा कि वो एक दिन संभाग, प्रदेश व देश का नाम विश्व पटल पर ऊंचा करेगा। किसान के इस बेटे की लगन व मेहनत पर कुछ कर गुजरने की इच्छा इस कदर कारगर साबित हुई कि उसके द्वारा निर्देशित हिंदी फीचर फिल्म 'जट-जटिनÓ बार्सिलोना फिल्म फेस्टिवल के लिए नामित हुई है।


पीएमटी में एक अंक कम होने से पकड़ ली थी मुंबई की ट्रेन
मूलत: शिवपुरी जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले रघुवीर ङ्क्षसह का सपना था डॉक्टर बनने का। 2008 में पीएमटी की परीक्षा दी। परीक्षा की तैयारी अच्छी थी। चयन होने की पूरी उम्मीद थी इसलिए जब परिणाम आने पर परीक्षा में एक अंक कम आया तो वे यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके।


उसी समय गुस्से में आकर उन्होंने मुंबई की ट्रेन पकड़ ली। मुंबई में एक दोस्त था उसने शुरूआत में काफी मदद की पर बिना हुनर के तो कुछ किया नहीं जा सकता इसलिए जल्द ही उन्हें मधुवाला, दो दिल एक जान, सपनों के भवन में, भाग्य विधाता समेत अन्य नाटकों में उन्हें बतौर सहायक निर्देशक का काम मिल गया। फिर क्या था मेहनत व लगन की दम पर उन्होंने काम को आगे बढ़ाया और डायरेक्टर बन गए।

एक अन्य फिल्म पर हो रहा काम
केवल आठ साल में ही रघुवीर सिंह की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल बनाई गई इस फिल्म के तत्काल बाद यानी पिछले महीने ही एक अन्य हिंदी फिल्म पर काम करने की रूपरेखा तैयार कर ली है। हालांकि इस फिल्म का अभी काम शुरू नहीं किया जा सका है। पर जल्द ही भारी-भरकम बजट की एक फिल्म बनने जा रही है।

ऐसे मिली लिस्ट में जगह
दो घंटे 20 मिनट की फिल्म जट-जटिन की कहानी कुछ इस तरह है कि हरियाणा के कुछ जाट परिवार बिहार की ओर रवाना हुए। यहां पहुंचकर उन्होंने परिस्थितियों के वश में आकर बिहार शैली का लोकनृत्य किया। कहानी के अनुसार इस नृत्य से कई सालों से न होने वाली बारिश के बाद पानी बरसना शुरू हो गया।

इस फिल्म का निर्देशन इतना जबर्दस्त था कि न्यूयार्क (अमेरिका) की ज्यूरी को इसे बार्सिलोना ऑफिसिशल की फिल्मों की सूची में 17 में से 12 वां स्थान देना पड़ा। इतना ही नहीं इसके बाद फिल्म को इस श्रेणी में पहला स्थान मिला। जल्द ही उसे किसी भव्य कार्यक्रम में यह अवॉर्ड दिया जाने वाला है।


हालांकि यह अवॉर्ड निर्देशन के साथ-साथ किसी भी विधा के लिए दिया जा सकता है। फिल्म को इंटरनेशनल न्यूयॉर्क फिल्म फैस्टिवल -2015 का विनर घोषित किया गया है।

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