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नौसेना को मिला ‘वरुणास्त्र’, ध्वस्त होंगी दुश्मन की पनडुब्बी

स्वदेशी हथियारों के निर्माण की दिशा में हैवीवेट एवं एडवांस वरुणास्त्र को देश की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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Santosh Trivedi

Jun 30, 2016

भारतीय नौसेना की ताकत की में उस वक्त और इजाफा हो गया, जब रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने स्वदेश निर्मित अत्याधुनिक तारपीडो 'वरुणास्त्र' बुधवार को नौसेना को सौंप दिया।

डीआरडीओ की लैब में विकसित यह तारपीडो समुद्र के अंदर 40 समुद्री मील प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मन की पनडुब्बी या पोत पर हमला कर उसे ध्वस्त कर सकता है। स्वदेशी हथियारों के निर्माण की दिशा में हैवीवेट एवं एडवांस वरुणास्त्र को देश की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

युद्धपोत पर होगा तैनात

'वरुणास्त्र' के कई सफल परीक्षण हो चुके हैं। इसे आईएनएस दिल्ली, और कमोर्ता श्रेणी जैसे प्रमुख युद्धपोतों पर स्थापित किया जाएगा। अब तक डीआरडीओ की तारपीडो में 'वरुणास्त्र' सबसे ताकतवर है।