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MBA कर छोड़ी शानदार जॉब, रेहड़ी लगा देने लगीं ‘मां का प्यार’

यही वजह है कि उनके इस काम को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। उनका सपना है चंडीगढ़ के आईटी पार्क में अपना फूड कोर्ट खोल सकें।

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Rajeev sharma

Jul 14, 2016

ये है राधिका, जिसने एक नामी कंपनी में नौकरी छोड़ रेहड़ी लगाई है। राधिका ने एमबीए किया है। नौकरी छोड़ खाने की रेहड़ी लगाने वाली राधिका ने मोहाली इंडस्‍ट्रियल एरिया में एक फूड ज्‍वाइंट खोला है।

इस रेहड़ी पर राजमा-चावल, कढ़ी-चावल, दाल-चावल, रोटी सब्जी आदि वह सब है, जो घर में बनते हैं। खास यह है कि इसका स्वाद वैसा ही लगता है, जैसे मां के हाथ से बने खाने का होता है। इसीलिए रेहड़ी का नाम मां का प्यार है।

ताकि लोग न करें मां के हाथ का खाना मिस

राधिका को यह आइडिया तब आया, जब उन्होंने पढ़ाई करने के दौरान घर के खाने को मिस किया। बीकॉम की पढ़ाई के बाद एमबीए करने के लिए राधिका अंबाला से चंडीगढ़ आ गई थीं। पेइंग गेस्‍ट में रहने के दौरान उन्हें खाना अच्छा नहीं लगता था।

पीजी के खाने में न स्वाद होता और न ही खाना ठीक से पका होता। यही मुश्किल जॉब के समय झेलनी पड़ी। इस दौरान राधिका अपनी मां के पकाए खाने का बहुत मिस करती थीं। बस तब ही उन्होंने यह ठान लिया कि वह कुछ अपना करेंगी और वर्किंग लोगों को घर का खाना देने का काम करेंगी।

जब राधिका ने बताया कि वह अपनी नौकरी छोड़कर खाने की रेहड़ी लगाना चाहती है तो यह सुनकर घर वाले दंग रह गए और खिलाफत करने लगे लेकिन राधिका ने आखिरकार पैरेंट्स मना लिया। बस फिर क्या था अपनी सेविंग से उन्होंने फूड कोर्ट खोल लिया।

वह रोजाना 70 प्लेट खाना बनाती हैं। आईटी पार्क में फूड कोर्ट खोलने का सपना आज राधिका घर से बाहर काम करने और पढऩे वालों को मां के स्वाद जैसा खाना सर्व कर रही हैं और लोगों को इससे बेहद खुशी मिल रही है। यही वजह है कि उनके इस काम को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। उनका सपना है चंडीगढ़ के आईटी पार्क में अपना फूड कोर्ट खोल सकें।

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