समाज सेविका तथा नर्मदा बचाओ आन्दोलन की नेता मेधा पाटकर ने मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को काला कानून करार देते हुए रविवार को कहा कि केंद्र जबरन इसे किसानों पर थोपना चाहती है।
उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियो के कारण किसान आत्महत्या कर रहा है। उन्होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह देश को गिरवी रख कर दोबारा गुलाम बनाना चाहते है। देश को भू अधिग्रहण की नही बल्कि भूअधिकार की जरूरत है।
READ: भारत-नेपाल में फिर भूकंप: राजस्थान में एक लड़की की मौत, 8 घायलपाटेकर ने कहा कि पूजींपतियों को लाभ पहुचाने के मकसद से इस अध्यादेश को लागू करने का प्रयास किया गया है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम देश के किसानो से बिना अनुमति उनकी जमीन छीन कर बडी कंपनी को देने के लिए लाया गया है। उन्होने कहा कि केवल जमीन ही नही बल्कि पानी बिजली खनिज सम्पदा तथा देश की जनता का श्रम सब कुछ सरकार कंपनी को सस्ते मे उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।
ऐसी स्थिति मे भारत मे संविधान का राज नही बल्कि कंपनी राज चलेगा। समाज सेविका पाटेकर ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने झूठ बोलने में पीएचडी की डिग्री हासिल की है मगर जनता सच जान चुकी है।