
इस पर सुषमा ने री-ट्वीट किया मैं तारा बालगोपाल से जल्द से जल्द संपर्क करूंगी और उनकी मदद करूंगी। सुषमा ने इस मुद्दे को जानकारी में लाने के लिए सचिन को शुक्रिया कहा।
गौरतलब है कि तारा बालगोपाल दिल्ली में बदहाल जीवन जी रहीं हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में रीडर के पद पर कार्यरत रहीं तारा बालगोपाल को विश्वविद्यालय ने सेवानिवृत्ति के बाद बकाया भुगतान भी नहीं किया है। उन्होंने 1960 में संसद में अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन किया था, वहीं 1962 में उनके नाम से एक रुपए का डाक टिकट जारी किया गया था।
Published on:
30 Aug 2016 11:34 am
