5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO: पीएम मोदी पर फिर ‘गरजे’ राहुल, बोले- ‘मेरे पास प्रधानमंत्री के निजी भ्रष्टाचार से जुडी सूचना, जल्द करूंगा खुलासा’

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उनके पास मोदी के निजी भ्रष्टाचार को लेकर सूचना है, लेकिन उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है।

2 min read
Google source verification

'बोलूंगा तो भूकंप आ जाएगा' वाले अपने बयान को लेकर चौंकाने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि उनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी भ्रष्टाचार से जुड़ी सूचना है और इसका खुलासा वह संसद में ही करेंगे।

राहुल गांधी ने कई विपक्षी दलों के नेताओं के साथ यहां संसद भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि उनके पास मोदी के निजी भ्रष्टाचार को लेकर सूचना है, लेकिन उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वह जनता के प्रतिनिधि हैं और जनता ने उन्हें संसद में चुनकर भेजा है इसलिए वह अपनी बात लोकसभा में ही रखेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस सूचना को संसद में ही रखेंगे और इस पर प्रधानमंत्री को स्पष्टीकरण देना पड़ेगा। अमेठी की जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है इसलिए वह अपनी बात सदन में ही रखेंगे।

गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी करके गरीबों के खिलाफ निर्णय लिया है और पूरा विपक्ष इस बारे में संसद में चर्चा करना चाहता है। विपक्ष के लगभग सभी दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं और वे संसद में जनता की बात रखना चाहते हैं लेकिन विपक्ष को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, ''प्रधानमंत्री को बहाने नहीं बनाने चाहिए। इस मुद्दे पर चर्चा से नहीं भागना चाहिए। संसद में चर्चा होगी तो यह तय हो जाएगा कि कौन सच बोल रहा है लेकिन प्रधानमंत्री डरे हुए हैं इसलिए वह संसद में चर्चा नहीं कराने देना चाहते हैं। खुद सत्ता पक्ष के लोग संसद में खड़े होकर हल्ला कर रहे हैं। यह शायद इतिहास में पहली बार हो रहा है जब सत्तापक्ष के सदस्य संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहे है।'

उन्होंने कहा, ' वह जनता के प्रतिनिधि हैं और अमेठी की जनता ने उन्हें लोकसभा में चुनकर भेजा है। लोकतंत्र में जनता की बात संसद में रखना मेरा राजनीतिक हक है। हमें संसद में बोलने से नहीं रोका जाना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष को सदन में विपक्षी दलों को बोलने का मौका दिया जाना चाहिए। '

ये भी पढ़ें

image