
अदीस अबाबा। इथियोपिया सरकार ने शनिवार को कहा कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला मामलों की पुष्टि के बाद देश में हाई अलर्ट कर दिया है। इथियोपिया स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इबोला के घातक वायरस को देश में आने से रोकने के लिए प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डों और सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच की जा रही है।
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य ने गुरुवार को देश में इबोला वायरस के प्रकोप में पहली मौत की पुष्टि की है।स्वास्थ्य मंत्री ओली इलुंगा ने कहा कि वायरस से 11 और लोग भी संक्रमित हुए हैं जिसमें तीन चिकित्सा कर्मी शामिल हैं।
इथियोपिया स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक संदिग्ध इबोला मामलों की जांच के लिए देश में क्लिनिकों और अस्पतालों को आवश्यक उपकरण मुहैया कराए गए हैं और साथ ही प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इससे पहले डेमोक्रेटिक रिपल्बिक ऑफ कांगो ने मंगलवार को इक्वटेयोर प्रांत के बिकोरो में इबोला के नए मामलों की पुष्टि की थी। अफ्रीकी संघ ने ऐलान किया है कि अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन इबोला से निपटने में डीआरसी की मदद के लिए सक्रिय हो गया है।
बता दें कि अफ्रीका में इबोला वायरस के नित नए मामले सामने आते रहते हैं। इबोला बुखार के चलते अफ्रीका में हर साल सैकड़ों लोगों को जान से हाथ धोना पड़ता हैं।
क्या है इबोला
इबोला मानव शरीर में होने वाला एक घातक वायरल इंफेक्शन है। इस बीमारी में शरीर की नसों से रक्तश्राव होने लगता है। जिससे खून शरीर के बाहर आना शुरु हो जाता है। यह एक अत्यंत घातक रोग है। इसमें 90 % रोगियों की मृत्यु हो जाती है। इस रोग की पहचान सर्वप्रथम १९७६ में इबोला नदी के पास स्थित एक गांव में की गई थी। इसी कारण इसका नाम इबोला पडा।
इबोला एक ऐसा रोग है जो मरीज के संपर्क में आने से फैलता है। मरीज के पसीने, मरीज के खून या उसकी सांस के संपर्क में आने पर स्वास्थ्य व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है।इसम तेज बुखार और मांसपेशियों में दर्द होता है। बाल झड़ने लगते हैं। उचित इलाज न मिलने पर इसके मरीज की मौत भी हो जाती है।
Published on:
13 May 2018 03:00 pm

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