
सावन के आठवें सोमवार पर नगराधिपति बाबा बैजनाथ महादेव लाव-लश्कर के साथ फूलों सुसज्जित चांदी की पालकी में सवार होकर प्रजाजनों के हालचाल जानने शाही अंदाज में नगर भ्रमण पर निकले। बाबा की इस मनोहारी विराट शाही सवारी में परंपरानुसार भजन मंडलियां, झांकियों व अखाड़ों के साथ लाखों की तादाद में भक्त नाचते-झूमते चल रहे थे।
आगर-मालवा. सावन के आठवें सोमवार पर नगराधिपति बाबा बैजनाथ महादेव लाव-लश्कर के साथ फूलों सुसज्जित चांदी की पालकी में सवार होकर प्रजाजनों के हालचाल जानने शाही अंदाज में नगर भ्रमण पर निकले। बाबा की इस मनोहारी विराट शाही सवारी में परंपरानुसार भजन मंडलियां, झांकियों व अखाड़ों के साथ लाखों की तादाद में भक्त नाचते-झूमते चल रहे थे। परंपरागत स्वरूप में जब बाबा ने नगर में प्रवेश किया तो स्वागत एवं दर्शन के लिए नगरवासी आतुर हो गए। शहरवासियों ने जगह-जगह स्वागत द्वार बनाकर स्वागत किया। मंदिर से नगर प्रवेश करने में सवारी को करीब 5 घंटे लगे। शाम 5.45 पर बाबा की पालकी ने छावनी नाके से शहर में प्रवेश किया। रात 12 बजे सवारी मंडी पहुंची। पहला सिरा सराफा में तो दूसरा छावनी में था। सावन के अंतिम सोमवार को बाबा बैजनाथ महादेव नगर भ्रमण के लिए निर्धारित समय दोपहर 1.30 बजे मंदिर परिसर से विधि-विधान के साथ निकले।
गर्भगृह में मुख्य पुरोहित पं. सुरेंद्र शास्त्री, मंदिर पुजारी मुकेश पुरी व अन्य पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया तथा महाआरती उपरांत बाबा को सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी, विधायक विपिन वानखेड़े, राणा विक्रमसिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसपी संतोष कोरी, नपाध्यक्ष नीलेश जैन पटेल एवं भक्तों द्वारा पूजा-अर्चना उपरांत पालकी में विराजित किया। पालकी जब जेल के सामने आई तब जेल विभाग ने बाबा को सलामी दी। कलेक्टर-एसपी एवं जेल अधीक्षक ने पूजा-अर्चना की। छावनी नाके पर राजनीतिक दलों के नेताओं ने अलग-अलग गुटों में मंच बनाकर झंडा मंडलियों को श्रीफल एवं पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। झांकी के आगे-आगे झंडा एवं भक्त मंडलियां भजन गाते हुए व अखाड़े करतब दिखाते चल रहे थे। शाही सवारी जिला जेल, छावनी नाका, छावनी झंडा चौक, नाना बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा बाजार, हाटपुरा, अस्पताल चौराहा, तहसील मुख्यालय होते हुए मंडी देर रात्रि पहुंची। यहां हजारों भक्तों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। हर कोई बम-भोले बम-भोले के जयकारे लगा रहा था। यात्रा के दौरान पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्था संभालते रहे। बैजनाथ भक्त मंडल के सदस्य भी पूरी यात्रा के दौरान झूमते रहे।
श्रीराम सेना के नवयुवक पालकी के आगे-आगेे सड़क पर झाडू लगाते चल रहे थे। 4 किमी में लगे 5 घंटे भक्तों की भीड़ सवारी में शामिल होने के लिए एकत्रित हो गई। दोपहर 1.30 बजे पालकी मंदिर से रवाना हुई और छावनी नाके के बीच 4 किमी की दूरी तय करने में 5 घंटे लग गए। शाम 5.45 बजे बाद सवारी ने नगर प्रवेश किया। पूरा शहर बाबा का स्वागत करने के लिए आतुर दिखाई दिया। जगह-जगह की जलपान की व्यवस्था सवारी के दौरान जगह-जगह भक्तों ने जलपान एवं दूध से बने अनेक प्रकार के पेय पदार्थ का वितरण भी किया। यहां भक्त अतिथियों को रोक-रोककर पेय पदार्थ पीने का निवेदन कर रहे थे।
आकर्षण का केंद्र रहीं झांकियां
श्रीराम सेना ने हनुमानजी की झांकी बनाई गई जो आकर्षण का केंद्र रही। श्याम परिवार की झांकी, ठाकुरजी की झांकी, विभिन्न स्वरूपों में आए नवयुवकों ने मन मोह लिया। युवतियों ने भी उत्साह के साथ सवारी के दौरान झांज-मंजीरे बजाते भाग लिया।
भोजन व्यवस्था रही सुचारु
उपज मंडी में तीन-चार दिनों से की जा रही महाप्रसादी में झंडा मंडलियां शाम 5 बजे के लगभग से ही भोजन स्थल पहुंचने लगी थी। शांतिपूर्वक कतारों में बैठा कर प्रसादी ग्रहण कराई जा रही थी। शाम 6 बजे तक लंबी कतार प्रसादी ग्रहण करने वाले श्रद्धालुओं की लग चुकी थी। ठाठ-बाठ से निकले अचलेश्वर महादेव बाबा बैजनाथ महादेव की शाही सवारी के साथ ही अचलेश्वर महादेव की सवारी भी निकाली गई। सवारी के अंतिम में अचलेश्वर महादेव ठाठ-बाठ के साथ अपने अनोखे अंदाज में धूमधाम से निकले। भगवान शंकर की विशाल प्रतिमा सवारी में शामिल थी।
Published on:
29 Aug 2023 01:14 am

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