
sdm removed after dispute with baglamukhi temple priests
mp news: मध्यप्रदेश में खुद को सीएम का रिश्तेदार बताकर आगर मालवा के नलखेड़ा में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों से भिड़ना सुसनेर के एसडीएम को महंगा पड़ गया है। पंडितों के विरोध और आंदोलन के बाद कलेक्टर ने एक्शन लेते हुए सुसनेर एसडीएम को प्रभार से हटा दिया है। पंडितों ने आरोप लगाया था कि एसडीएम खुद को सीएम का रिश्तेदार बताते हुए उन्हें धमकाते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग भी करते हैं। इतना ही नहीं एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पंडितों ने मंदिर में अनुष्ठान और हवन बंद कर दिए थे।
मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के खिलाफ गुरुवार को मोर्चा खोल दिया था। मंदिर पहुंचे एसडीएम का घेराव करते हुए पंडितों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी और मंदिर में होने वाले अनुष्ठान और हवन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए थे। विरोध प्रदर्शन करने वाले पंडितों ने आरोप लगाया था कि मंदिर समिति से बिना कोई बातचीत किए एसडीएम सर्वेश यादव रोजाना नए-नए नियम बना देते हैं। इतना ही नहीं लंबे समय से मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले पंडितों को हटाने की धमकी भी देते हैं।
पंडित एसोसिएशन अध्यक्ष देवेंद्र शास्त्री ने बताया एसडीएम स्वयं को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाते हैं। पंडितों का कहना है कि मंदिर समिति को विश्वास में लिए बिना रोज नए-नए नियम लागू किए जा रहे हैं जिससे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया जाता है। अभा ब्राह्मण समाज प्रदेशाध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने मामले में कहा है कि ब्राह्मण समाज को लेकर जिस तरह से लगातार अधिकारियों द्वारा बयानबाजी की जा रही है इससे समाज बेहद व्यथित और आक्रोशित है। पंडितों ने मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरु किया और हवन-अनुष्ठान बंद किए तो बात वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। कुछ घंटों बाद ही कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम ने मां बगलामुखी मंदिर के प्रभार से एसडीएम सर्वेश यादव को हटा दिया। एसडीएम से मंदिर समिति का प्रभार लेते हुए डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को सौंपा गया है। वहीं एसडीएम सर्वेश यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है।
Updated on:
08 Jan 2026 09:11 pm
Published on:
08 Jan 2026 09:11 pm
