
आगर-मालवा. नगर में आयोजित वरिष्ठ अधिवक्ता सम्मान समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस चौहान ने अभिभाषकों की भूमिका को संविधान और न्याय व्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता केवल मुकदमे नहीं लड़ते, बल्कि आम नागरिक के संवैधानिक अधिकारों और न्याय की उम्मीद की रक्षा का दायित्व भी निभाते हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएस चौहान ने गुरुवार रात जिला न्यायालय परिसर में अभिभाषक संघ द्वारा आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि अभिभाषक न्याय के प्रहरी होते हैं। हर व्यक्ति जब न्याय की उम्मीद लेकर आता है, तो वही अधिवक्ता उसके विश्वास का सहारा बनते हैं। संघर्ष, समर्पण और नैतिक मूल्यों के साथ अधिवक्ता समाज को एक संतुलित और न्यायपूर्ण व्यवस्था देने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली में अधिवक्ताओं की भूमिका एक मजबूत स्तंभ के समान है, जिसके बिना व्यवस्था की कल्पना अधूरी है।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मधुसूदन जंघेल एवं न्यायिक दण्डाधिकारी अरुण सिंह उपस्थित रहे। अध्यक्षता अभिभाषक संघ अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार मारू ने की। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद संघ अध्यक्ष ने आगर अभिभाषक संघ की गतिविधियों पर प्रकाश डाला और दिवंगत अधिवक्ताओं के योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कनिष्ठ अभिभाषकों से सैद्धांतिक मूल्यों और पेशेवर ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
समारोह में 40 वर्षों की सतत सेवा देने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं का शाल-श्रीफल से सम्मान किया गया। सम्मानित होने वालों में सुरेन्द्र कुमार मारू, नारायण सिंह दरबार, उषारानी सक्सेना, राजमल भंडारी, विमल किशोर सक्सेना, महेन्द्र शर्मा, मुकेश जैन, सतीश भटनागर, शांतिलाल जैन, शरदचंद्र गर्ग, बाबूलाल गवली, अख्तर हसन, नरेन्द्र सिंह राठौड़ एवं भूपेन्द्र सिंह चौहान शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन शमीउल्ला कुरैशी ने किया और आभार अभिभाषक संघ सचिव देवेन्द्र कोठारी ने माना। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायाधीश एवं न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे।
Updated on:
30 Jan 2026, 8:44 PM IST
Published on:
30 Jan 2026, 8:44 PM IST
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