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अनदेखी : शहर के कोने-कोने में शासकीय कार्यालय स्थापित होने की कगार पर…

जिला बनने के बाद मुख्यालय पर सभी विभागों के जिला कार्यालय भवन बनाने का सिलसिला निरंतर जारी है ।

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आगर-मालवा. जिला बनने के बाद मुख्यालय पर सभी विभागों के जिला कार्यालय भवन बनाने का सिलसिला निरंतर जारी है । यहां शासकीय भूमि अधिक होने के बावजूद सभी विभागों ने अपनी-अपनी सुविधानुसार जगह का चयन कर उसे आवंटित करा लिया और अब शहर के चारों कोनों में शासकीय भवन बनकर लगभग तैयार हो चुके हैं। आरटीओ ऑफिस शहर से ४ किमी दूर उज्जैन रोड पर है तो जिला अस्पताल बड़ोद रोड पर। इसी प्रकार कलेक्टोरेट छावनी नाके पर तैयार हो रहा है। यदि तमाम शासकीय कार्यालय आस-पास होते तो आम लोगों को सहूलियत होती लेकिन जवाबदार स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते शहर के कोने-कोने में शासकीय कार्यालय स्थापित होने की कगार पर है। प्रदेश कांग्रेस सचिव हिदायतउल्ला गुडï्डु लाला ने इस संबंध में बकायदा मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री की ओर एक शिकायत प्रेषित कर तहसील कार्यालय को कलेक्टोरेट के पास या फिर वर्तमान भवन मे ही संचालित करने की मांग करते हुए शहर के चारों कोनों में बनाए गए शासकीय कार्यालयों के संबंध में जांच की मांग की है।
अब तहसील कार्यालय को भी शहर से करीब ४ किमी दूर नगर पालिका ट्रेंचिंग ग्राउंड के समीप ले जाने की तैयारी की जा रही है इसके लिए बकायदा भूमि आवंटन प्रक्रिया भी पूर्ण की जा चुकी है। निर्माणाधीन कलेक्टोरेट से प्रस्तावित तहसील कार्यालय की दूरी करीब ७ किमी हो जाएगी। ऐसे में आम लोगो को तहसील एवं कलेक्टोरेट से जुड़े हुए काम एक साथ कराने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ेगी। तहसील कार्यालय के लिए उज्जैन रोड़ पर भूमि प्रस्तावित किए जाने की जानकारी आम लोगों को लगी तो इसको लेकर नाराजगी भी सामने आने लगी है और अब आमजन कांग्रेस नेताओं से सम्पर्क कर तहसील कार्यालय को कलेक्टोरेट के आस-पास ही बनवाने की मांग कर रहे हैं।
चारों दिशाओं में बना दिए शासकीय दफ्तर
किसी भी जिले में देखा जाता है कि वहां के तमाम शासकीय कार्यालय आस-पास ही होते हैं लेकिन नवगठित आगर जिले में कार्यालय निर्माण को लेकर नीव ऐसी रखी गई कि शहर के हर कोने में एक न एक शासकीय कार्यालय मिल जाएगा। आगर-उज्जैन मार्ग पर शहर से करीब ४ किमी दूर राधास्वामी सत्संग भवन से आगे जिला परिवहन कार्यालय बनकर तैयार हो चुका है और वहां कामकाज भी आरंभ हो चुका है। जिलेवासियों को परिवहन विभाग से जुड़े हुए कार्य के लिए ४ किमी का सफर तय करना पड़ता है। सार्वजनिक परिवहन के फिलहाल वहां तक कोई साधन सुगमता से उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार की स्थिति आने वाले समय में जिला अस्पताल एवं ट्रामा सेंटर पर निर्मित होगी। शहर से करीब ३ किमी दूर बड़ौद रोड पर निर्मित हो रहे ट्रामा सेंटर व जिला अस्पताल संभवत: इसी वर्ष में आरंभ हो जाएंगे। ट्रामा सेंटर के सामने ही पुलिसलाइन का निर्माण हुआ है। कलेक्टर कार्यालय छावनी नाके से आगे गणेश मंदिर के पीछे निर्मित हो रहा है और कार्यालय के पीछे ही रेवेन्यू आवासीय कालोनी भी निर्मित हो रही है। निर्माणाधीन कलेक्टोरेट जरूर आम लोगो की सहुलियत के अनुसार स्थान पर निर्मित हो रहा है। जिला न्यायालय पुराने प्रशिक्षण केन्द्र में बन रहा है। इसी प्रकार जिला पंचायत कार्यालय का निर्माण नरवल मार्ग पर हो चुका है।
शैक्षणिक भवन निर्माण में भी नहीं दिया ध्यान
शैक्षणिक भवनों को भी सिलसिलेवार जिला मुख्यालय पर नही बनाया गया। कुछ छात्रावास दशहरा मैदान में बना दिए तो कुछ छावनी नेहरू कॉलेज के सामने बना दिए। मॉडल स्कूल को गवलीपुरा कृषि उपज मंडी के पास तैयार कर दिया। पॉलीटेक्निक कॉलेज उज्जैन रोड़ पर आरटीओ ऑफिस के पास निर्मित हो रहा है।
तहसील कार्यालय भूमि आवंटन प्रक्रिया पूर्ण
इस संबंध में जब प्रभारी तहसीलदार राजेश सरवटे से चर्चाकी गईतो उन्होने बताया कि तहसील कार्यालय के लिए उज्जैन रोड नपा ट्रेचिंग ग्राउंड के पास २ हेक्टयर भूमि तहसील कार्यालय के लिए आवंटित की जा चुकी है और आवंटन प्रक्रिया पूर्णहो चुकी है।
लगाए मिलीभगत के आरोप
प्रदेश कांग्रेस सचिव ने अपनी शिकायत में बताया कि जिला बनने के बाद मुख्यालय पर जिला कार्यालय स्थापित किए गए लेकिन इसमे आम लोगो एवं किसानों की सुविधा को दरकिनार कर भू-माफियाओं तथा भाजपा नेताओं से मिलीभगत कर उन्हे लाभ पहुंचाने की नियत से शासकीय भवन मन चाहे अंदाज में कहीं भी बना दिए गए। जबकि आगर शहरी क्षेत्र में ही सर्वाधिक शासकीय भूमि स्थित है। एक ही स्थान पर जिले के तमाम विभाग स्थापित हो सकते थे। यह खेल अभी भी निरंतर जारी है। यदि निर्माणाधीन सभी शासकीय कार्यालयो की आपस में दूरी देखी जाए तो 5 से 7 किमी की रहती है। साथ ही शहर की हर दिशा में स्थापित किए गए शासकीय कार्यालयो की जमीन आवंटन की जांच के आदेश जारी कर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने की की भी मांग की है।