क्रिकेट विश्व कप से पहले साइबर ठगों के निशाने पर 15 लाख भारतीय थे। इन भारतीयों से 38 हजार रुपए का फ्रॉड होने वाला था। लेकिन पहले ही पुलिस ने ठगों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
आगरा साइबर ने ऑनलाइन सट्टे के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा किया है। क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में साइबर ठगों के निशाने पर 15 लाख भारतीय नागरिक थे। इन लोगों से 38 हजार करोड़ रुपए का ऑनलाइन बेटिंग- गेमिंग एप के जरिए फ्रॉड करने वाले थे। हालांकि, इससे पहले आगरा पुलिस की साइबर सेल ने ऐसे 9 एप और 27 विदेशी वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया है जिसके जरिए लोगों से फ्रॉड करने वाले थे।
दरअसल 5 अक्टूबर से किक्रेट विश्वकप शुरु होने जा रहा हैं। इसकी तैयारी विश्न कप खेलने वाले देश की टीमें जोरो- शोरों से तैयारी कर रही हैं। वहीं, जालसाजों ने भी हजारों करोड़ ठगने का जाल बिछा दिया। विश्व कप शुरू होने से पहले ही ऑनलाइन गेमिंग, बेटिंग वेबसाइट और ऐप लॉन्च कर दिए गए। हालांकि, आगरा पुलिस ने साइबर ठगों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
27 विदेशी वेबसाइट को पुलिस ने किया ब्लॉक
पुलिस आयुक्त डॉक्टर प्रीतिंदर सिंह ने बताया की साइबर सेल ने 38 हजार करोड़ चीन और अन्य देशों में जाने से रोका है। 27 विदेशी वेबसाइट को पुलिस ने ब्लॉक करा दिया है। दरअसल, कुछ महीने पहले थाना शाहगंज में एक मुकदमा अपराध संख्या 286/2023 भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 379, आईटी एक्ट की धारा 66बी और 66डी तथा कॉपीराइट एक्ट की धारा 65ए में दर्ज किया गया था। इसकी एफआईआर एक निजी कंपनी की तरफ से दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जब इसकी जांच शुरु की तो आंखे खुली रह गई।
300 से 500 रुपये की ले जाती थी सब्सक्रिप्शन फीस
दरअसल, साइबर फ्रॉड लाइव गेम, थर्ड पार्टी एप वेब पोर्टल के माध्यम से डाउनलोड कर विदेशी सर्वर से ठगी करते थे। चीन, वियतनाम से लाइव रीस्ट्रीमिंग होती थी और री स्ट्रीमिंग कराकर अवैध बैटिंग कराई जाती थी। यहां अवैध बेटिंग, गेमिंग कराकर सैकड़ों किराये के बैंक और वर्चुअल खातों से करोड़ों की रकम क्रिप्टो करेंसी के रूप में परिवर्तित कर ट्रांसफर की जाती है। ये पूरा खेल विदेशी सर्वर पर खेला जा रहा है, जिसमें हजारों खातों से करोड़ों रुपये की ठगी हो रही थी। आम लोगों से 300 से 500 रुपये की सब्सक्रिप्शन फीस ली जाती थी।