
130 किलोमीटर की रफ्तार से चलीं हवाओं ने बुधवार रात को तबाही मचा दी। पेड़ जड़ों से उखड़ गए।
आगरा। 11 अप्रैल को आए तूफान की तबाही का मंजर लोग भूले नहीं थे। 20 दिन बाद 2 मई को वैसा ही तूफान फिर से आ गया। 132 किलोमीटर की हवाओं ने 15 मिनट में ही चारों तरफ तबाही मचा दी। सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। बिजली के खंभे गिर गए। दीवारें पलट गई। कुदरत के 15 मिनट के कहर ने 24 जिंदगियों का जीवन समाप्त कर दिया। गुरुवार सुबह तबाही के मंजर साफ देखे जा सकते थे। कई क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सुचारू करने में टोरंट पॉवर और दक्षिणांचल की टीमें लगी हुई है।
एक ही परिवार के तीन बच्चों की गई जान
बुधवार शाम अचानक आई तेज आंधी, तूफान, बारिश और ओले ने हर तरफ तबाही मचा दी। महज पंद्रह मिनट में ही तूफान ने काफी कुछ तबाह कर दिया। सबसे अधिक तबाही देहात क्षेत्र में देखने को मिली। फतेहाबाद के जाजपुर में दो की मौत हो गई। बाह ? के गांव रुदामुली में दीवार गिरने से 35 वर्षीय युवक की जान चली गई। खेरागढ़ में ही 13 मौतें हुईं। एत्माउद्दौला में एक की मौत हुई। सैंया के कुकावर में एक ही परिवार के तीन बच्चों की जान चली गई। सैंया के कुकावर निवासी राजवीर और पत्नी माया मकान ढहने से घायल हो गए तो उनके तीन बच्चे अंकी, भोला और सन्नो की मकान में दबकर मौत हो गई।
तेजी से बन रहा कम वायु का दाब का क्षेत्र
मौसम वैज्ञानिकों ने पिछले कुछ दिनों से लगातार धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी जारी की थी। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ.सतेंद्र सिंह राघव ने बताया कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बार्डर पर तेजी से कम वायु दाब का क्षेत्र बन रहा है। जिससे बेमौसम बारिश और आंधी, तूफान की मार लोगों को झेलनी पड़ रही है।
जलभराव और बिजली गुल से लोग परेशान
तूफान के बाद बुधवार की रात मुश्किल से कटी। गुरुवार की सुबह तक कई क्षेत्रों में बिजली नहीं आई। बच्चे स्कूल जाने के लिए परेशान दिखे। लोगों की दिनचर्या गड़बड़ा गई। कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया।
Published on:
03 May 2018 07:54 am

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