
आईएमए का बड़ा आरोप कहा, कोरोना संक्रमितों के आंकड़े कम दिखाने को निजी लैब में जांच पर लगाई रोक
आगरा. कोरोना की जांच निजी लैब में प्रतिबंधित करने व जिले के अस्पतालों पर प्रशासन की गई कार्रवाई से आईएमए खफा है। संस्था ने आगरा जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने व कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा कम दिखाने के लिए निजी लैब में जांच पर रोक लगाई गई है।
एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक के दौरान आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने कहा कि रवि हॉस्पिटल और उपाध्याय हॉस्पिटल का निरीक्षण करने के बाद इन्हें मामूली कमी पर मानक में फेल बताया गया है। जिला प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए चिकित्सकों पर दमनकारी नीति अपना रहा है। वहीं डॉ. राजीव उपाध्याय ने कहा कि झोलाछाप डॉक्टरों के यहां इलाज रोकने के प्रश्न को बार बार उठाने के कारण जिला प्रशासन ने अपनी बदले की कार्रवाई की है। रवि हॉस्पिटल के मालिक आईएमए के मौजूदा अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी और उपाध्याय हॉस्पिटल के मालिक निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय हैं।
पिछले दिनों आगरा जिला प्रशासन ने अस्पतालों द्वारा निजी पैथोलॉजी लैब में सीधे कोरोना जांच कराने पर रोक लगा दी है। इसके लिए प्रशासन की अनुमति लेना जरूरी है। जिला प्रशासन का कहना है कि निजी लैब जांच के लिए 4500 रुपए वसूलती हैं। साथ ही सिंगल टेस्ट के बाद कंन्फर्मेशन टेस्ट नहीं करतीं। जबकि प्रशासन के पास फ्री सैंपलिंग की पर्याप्त व्यवस्था है। वहीं जिला प्रशासन ने निजी अस्पतालों के लिए भी गाइड लाइन तैयार की है, जिससे कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर पारस हॉस्पिटल की तरह से संक्रमण न फैल सके।
इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आईएमए अध्यक्ष डॉ. रवि मोहन पचौरी के दिल्ली गेट स्थित रवि हॉस्पिटल और आईएमए निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय के उपाध्याय हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। इसके बाद दोनों अस्पतालों में गाइड लाइन के तहत इंतजाम न होने की रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी। प्रशासन ने रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दे दिए।
Updated on:
21 May 2020 12:07 pm
Published on:
21 May 2020 12:07 pm
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