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कालिंदी की दुर्दशा बताई, सूखी यमुना में ‘नाव’ चलाई

सूखी और गंदगी से भरी यमुना नदी में नौका विहार कर नदी की दुर्दशा को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया गया।

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Bhanu Pratap Singh

Dec 03, 2015

Agra आगरा. पानी दिखाई दे रहा है, वह वास्तव में मल मूत्र वाला नालों का पानी है। यमुना के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एत्माद्दौला व्यू पॉइंट पर विगत 245 दिनों से यमुना आरती की जा रही है।

यमुना की दुर्दशा पर किसी की ध्यान नहीं

अभियान के डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने बताया कि नौका विहार का उद्देश्य यमुना को इतिहास बनाने से रोकने के लिए जनता को जागरूक करना है। यदि जनजीवन को बचाना है तो यमुना को बचाना ही होगा। अभियान के शैलेन्द्र नरवार ने बताया कि यमुना की वर्तमान दशा पर कटाक्ष करते हुए नौका विहार का कार्यक्रम किया गया है। हम सभी का सपना है कि यह नदी उस स्थिति में पहुंचे कि इसमें अतीत की भांति वर्ष भर नावें चला करें | पं. नन्दन श्रोत्रिय ने कहा कि आज आगरा को स्मार्ट सिटी बनाने कि चर्चा ज़ोर शोर से की जा रही है, परंतु इस जीवनदायनी नदी की दुर्दशा पर किसी का ध्यान नहीं है। शशिकांत उपाध्याय ने कहा कि हमें अपनी पीढ़ियों के भविष्य को खतरे में डालने का कोई अधिकार नहीं है।

ये हुए आरती में शामिल

आरती में मुख्य रूप से डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, शैलेन्द्र नरवार, रंजन शर्मा, शशिकांत उपाध्याय, दीपक राजपूत, मंगल सिंह सिकरवार, आमिर दीवाना, डिम्पल शर्मा, कमलेश यदुवंशी, रानू उपाध्याय, संजू सिसौदिया आदि सम्मिलित हुए| आरती मथुराधीश मंदिर के महंत नन्दन श्रोत्रिय व जुगल श्रोत्रिय द्वारा कारवाई गई |

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