ये रही हैं आगरा की प्रमुख समस्याएं
सूबे में जब योगी सरकार बनी थी, तब सरकार ने कहा था कि प्रदेश को अपराधमुक्त किया जाएगा। व्यापारियों पर योगी सरकार बनने के बाद जबरदस्त हमले हुए। मथुरा में अब तक की सबसे लूट और हत्या सराफ कारोबारियों के साथ हुई। वहीं आगरा के रुनकता में भी लाखों रुपये लूटने के बाद सराफ को गोली मार दी। सराफ की बीस दिन बाद मौत भी हुई। इसके साथ ही कई अन्य ऐसी घटनाएं सरार्फा कारोबारियों के साथ हुई, जिनसे उनमें डर और दहशत का माहौल पैदा हो गया। समाजवादी पार्टी के नुमाइंदों ने सरार्फा कारोबारियों सहित आगरा के व्यापारियों को अपने पाले में खींचने के लिए उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। सूत्रों के मुताबिक सपा के एक पूर्व मंत्री ने बीते दो दिनों में दर्जनों बड़े कारोबारियों से संपर्क किया और उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरा भरोसा दिलाया। ये बड़े कारोबारी भाजपा से जुड़े हुए थे। अब पार्टी छोड़कर सपा में जाने के लिए तैयार हैं। पांच अक्टूबर को एक प्रतिनिधिमंडल अखिलेश यादव से मिलेगा। वहीं एक कारोबारी ने नाम न छापने की बात करते हुए बताया कि नोटबंदी और जीएसटी से हर व्यापारी परेशान है। कारोबार का दिवाला निकल चुका है। त्योहारी सीजन आ रहा है, लेकिन कारोबार के नाम पर कुछ भी नहीं हासिल नहीं हो रहा है।