
Akhilesh Yadav
आगरा। आगरा में व्यापारियों पर हुए हमले प्रदेश की सरकार को भारी पड़ सकते हैं। सरार्फा कारोबारियों के साथ लूट, हत्या की वारदातों के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रदेश में योगी सरकार के खिलाफ हल्ला बोला था। राष्ट्रीय अधिवेशन पांच अक्टूबर को आगरा में होगा। इसके लिए समाजवादी पार्टी के नेताओं ने घेराबंदी की और कारोबारियों को अपनी ओर करने के लिए माहौल बना लिया। आगरा के बड़े कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल पांच अक्टूबर को सपा मुखिया अखिलेश से मुलाकात कर उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए समर्थन देगा।
ये रही हैं आगरा की प्रमुख समस्याएं
सूबे में जब योगी सरकार बनी थी, तब सरकार ने कहा था कि प्रदेश को अपराधमुक्त किया जाएगा। व्यापारियों पर योगी सरकार बनने के बाद जबरदस्त हमले हुए। मथुरा में अब तक की सबसे लूट और हत्या सराफ कारोबारियों के साथ हुई। वहीं आगरा के रुनकता में भी लाखों रुपये लूटने के बाद सराफ को गोली मार दी। सराफ की बीस दिन बाद मौत भी हुई। इसके साथ ही कई अन्य ऐसी घटनाएं सरार्फा कारोबारियों के साथ हुई, जिनसे उनमें डर और दहशत का माहौल पैदा हो गया। समाजवादी पार्टी के नुमाइंदों ने सरार्फा कारोबारियों सहित आगरा के व्यापारियों को अपने पाले में खींचने के लिए उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। सूत्रों के मुताबिक सपा के एक पूर्व मंत्री ने बीते दो दिनों में दर्जनों बड़े कारोबारियों से संपर्क किया और उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरा भरोसा दिलाया। ये बड़े कारोबारी भाजपा से जुड़े हुए थे। अब पार्टी छोड़कर सपा में जाने के लिए तैयार हैं। पांच अक्टूबर को एक प्रतिनिधिमंडल अखिलेश यादव से मिलेगा। वहीं एक कारोबारी ने नाम न छापने की बात करते हुए बताया कि नोटबंदी और जीएसटी से हर व्यापारी परेशान है। कारोबार का दिवाला निकल चुका है। त्योहारी सीजन आ रहा है, लेकिन कारोबार के नाम पर कुछ भी नहीं हासिल नहीं हो रहा है।
तैयारी लोकसभा चुनाव की
लोकसभा चुनाव 2019 का खाका आगरा से खिंचेगा। इसके लिए समाजवादी पार्टी पूरी तैयारी में जुट गई है। आगरा से सभी वर्गों को समाजवादी पार्टी में शामिल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कारोबारी हर पार्टी की रीढ़ होते हैं इसलिए उनके जरिए विरोधी पार्टियों की रीढ़ तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
Published on:
02 Oct 2017 12:40 pm
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