
दीवानी में हुई घटनाओं पर लगेगा अंकुश, दीवानी में सुरक्षा बेहद जरूरी है। पूर्व में हत्या तक की घटनाएं हो चुकी है। गोलियां चली है। मारपीट हुई है। यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष रहीं दरवेश यादव की हत्या हुई थी। अधिवक्ता के चैंबर में उन पर गोलियां बरसाई गई थीं। दीवानी हवालात में एक ही परिवार के तीन लोगों की संदिग्ध हालात में तबियत बिगड़ी थी, बाद में उनकी मौत हो गई थी।*
दीवानी की सुरक्षा आज से एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स) ने संभाल ली। दोपहर 12 बजे एसएसएफ के कमांडेट अपनी फौज के साथ दीवानी परिसर पहुंचे तो लोग देखकर हैरान रह गए। वहां पहुंचकर सबसे पहले उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से मुलाकात की। एसएसएफ के सुरक्षा संभालते ही करीब 50 पुलिस कर्मी दीवानी से हटा लिए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए एसएसएफ को यह जिम्मेदारी दी है। ज्ञातव्य हो कि एसएसएफ को सीआईएसएफ की तर्ज पर तैयार किया गया है। स्मारकों और दीवानी की सुरक्षा एसएसएफ को दी जा रही है। पुलिस और पीएसी कर्मियों को इसमें रखा गया है। एसएसएफ ज्वाइन करने वाले जवानों को विशेष ट्रेनिंग दिलाई जाती है। ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए वे तैयार रहें। सभी को आधुनिक हथियार दिए गए हैं। पहले चरण में 100 से अधिक जवान तैनात किए जा रहे हैं।
एसएसएफ के कमांडेंट डॉ. रामसुरेश ने बताया कि दीवानी की सुरक्षा अभी तक पुलिस के पास थी। दीवानी के दो गेटों पर बैग स्कैनर और डीएफएमडी लगे हैं। कई जगह न्यायालय के सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। कंट्रोल रूम भी है। कहां-कहां सुरक्षा में कमी है। वह देख सुरक्षा को और पुख्ता किया जाएगा। दीवानी के चार गेट हैं। दो गेटों से वाहनों को प्रवेश मिलता है। दो गेट से पैदल आने वाले प्रवेश करते हैं। सभी गेटों पर पुख्ता सुरक्षा रहेगी। सघन चेकिंग हुआ करेगी। सुरक्षा इतनी पुख्ता होगी कि कोई बिना जांच अंदर प्रवेश नहीं कर पाएगा। जरूरत पड़ने पर स्कैनरों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। सुरक्षा के संबंध में बैठक भी की जाएगी सुझाव भी मांग जाएंगे।
आगरा से प्रमोद कुशवाह कि रिपोर्ट
Published on:
16 Jul 2024 02:10 pm

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